कोलकाता में बढ़ रहा मलेरिया का प्रकोप

जनवरी से अब तक 2600 चपेट में, महानगर के 8 वार्ड में प्रभावितों की संख्या ज्यादा

By: MOHIT SHARMA

Published: 21 Aug 2021, 11:54 PM IST

कोलकाता. कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है कि शहर में मलेरिया का प्रकोप बढऩा शुरू हो गया है। इस साल जनवरी से अगस्त तक कुल 2600 लोग मलेरिया से पीडि़त हुए हैं। कोलकाता नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में संक्रमित लोगों में से 80 प्रतिशत लोग फाल्सीपेरम मलेरिया से पीडि़त हुए हैं। सबसे ज्यादा मामले कोलकाता के 25, 39, 47, 48, 49, 50, 61, 62, इन आठ वार्डों में हैं। आंकड़े सामने आते ही नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी प्रशासनिक परिषद के सदस्य अतिन घोष ने मलेरिया नियंत्रण पर बैठक की।

मच्छररोधी रसायन का छिडक़ाव
नगर निगम मच्छररोधी रसायन का छिडक़ाव करेगा। निगम कर्मी मकानों व परिसरों की छत पर जाकर देखेंगे कि कहीं पानी जमा तो नहीं है। कोरोना प्रकोप के दौरान कई लोगों ने निगम के कर्मचारियों को अपने घर की छत पर चढऩे नहीं दिया।इसके कारण जमे हुए पानी होने के बाद भी रसायन नहीं छिडक़ा जा सका था। घोष ने बताया कि शहर के जिन बाजारों में काफी भीड़ रहती है वहां अभियान चलाया जाएगा। मलेरिया के लक्षण-कंपकंपी के साथ बुखार। बुखार के बाद तापमान सामान्य से नीचे गिर सकता है। ठंड लगना, शरीर में तेज दर्द, सिरदर्द, अनिद्रा, भूख न लगना, कब्ज, उल्टी, अपच और अत्यधिक पसीना आना शामिल है।

MOHIT SHARMA
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