मालदह मामले पर भाजपा की इस सांसद ने लगाया गंभीर आरोप...

- हैदराबाद और उन्नाव के बाद बंगाल के मालदह जिले से एक अपरीचित युवती का दग्ध शव पाए जाने के 4 दिन बाद भी पुलिस मृतका की पहचान नहीं जान पाई है। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि उक्त युवती के साथ रेप नहीं हुआ है। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई। हांलाकि भाजपा सांसद ने पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। उन्हें संदेह है कि पुलिस स्थानीय प्रशासन व किसी के दवाब में आकर घटना की सच्चाई सामने नहीं आने दे रही है।

By: Jyoti Dubey

Published: 08 Dec 2019, 04:56 PM IST

कोलकाता. मालदह जिले के इंग्लिशबाजार कोतवाली थाना क्षेत्र से दग्ध अवस्था में बरामद मृतका के साथ बलात्कार नहीं हुआ था। उसकी पहले गला घोंटकर हत्या की गई, बाद में उसके शव को जला दिया गया। मालदह पुलिस ने मृतका के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा करते हुए संवददाताओं को यह जानकारी दी है।

जिला पुलिस अधीक्षक आलोक राजोरिया के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के साथ बलात्कार होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। वहीं मृतका की पहचान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस संबंध में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। उसकी व उसके परिजनों के बारे में पता लगाने के लिए आस-पास के इलाकों में पूछताछ जारी है।
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- बंगाल की महिलाएं सुरक्षित नहीं : लॉकेट

पुलिस के इस बयान को भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने इसे मामले को दबाने का प्रयास बताया है। उनके अनुसार पिछले दो दिनों से अगर पुलिस मृतका की पहचान जानने की कोशिश कर रही है तो अब तक कुछ पता क्यों नहीं चला? पुलिस वाकई उसकी पहचान जानना चाह रही है या मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है?

शनिवार को भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी मालदह जिले के धानतल्ला गांव गई। उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर इस मुद्दे पर बात की। साथ ही पुलिस पर जान-बूझकर मामले को दबाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार पुलिस मृतका के परिजनों को सामने नहीं ला रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री महिला हैं इसके बावजूद इस मामले की जांच जिस धीमी गति से चल रही है, उससे पता चलता है कि बंगाल की महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।

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- फॉरेंसिक जांच न होने पर उठ रहे सवाल :

गुरुवार को कोतवाली थानांतर्गत धानतल्ला गांव के आम बगीचे से युवती का दग्ध शव पाए जाने के बाद स्थानीय लोग दहशत में है। घटना के 4 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक घटनास्थल पर फॉरेंसिक की टीम न पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। उनके अनुसार पुिलस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। यह महिलाओं के लिए चिंता का विषय बन गया है।

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