देश में आर्थिक आपदा के हालात- ममता

देश में आर्थिक आपदा के हालात- ममता

Prabhat Kumar Gupta | Publish: Sep, 10 2018 11:21:17 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि देश में आर्थिक आपदा की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

 

- पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई पर बोला भाजपा पर हमला

कोलकाता.

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि हो रही है। अमरीकी डॉलर के मुकाबले रुपये का भाव गिरता जा रहा है। केंद्र सरकार की नीतियों के चलते देश की अर्थव्यवस्था लचर होती जा रही है। देश में आर्थिक आपदा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। राज्य सचिवालय नवान्न में सोमवार को संवाददाताओं के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने ऐसा कहा। राजस्थान और आंध्र प्रदेश सरकार के पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट में कटौती की घोषणा पर ममता ने कहा कि राज्य की ओर से दो-एक रुपए बढ़ाने या घटाने से कोई लाभ नहीं होगा। पेट्रोल, डीजल और रसोईगैस का मूल्य हर रोज जिस रफ्तार में बढ़ रहा है, कोई कह नहीं सकता कि यह सिलसिला कब जाकर थमेगा।

हड़ताल समस्या का समाधान नहीं-
मुख्यमंत्री ने कहा कि मूल्य वृद्धि के खिलाफ आंदोलन का समर्थन के बावजूद उनकी पार्टी हड़ताल का समर्थन नहीं करती। इस कारण कांग्रेस के प्रस्तावित भारत बंद का पश्चिम बंगाल में कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि पार्टी नीतिगत कारणों से हड़ताल या बंद नहीं चाहती। हड़ताल आंदोलन का आखिरी हथियार होना चाहिए।

ममता ने कहा कि यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल ने उन्हें प्रस्तावित भारत बंद का समर्थन करने का अनुरोध किया था। जवाब में ममता ने आंदोलन के मुद्दों का समर्थन करने तथा पार्टी की नीतियों के तहत बंद विरोधी विचारों से पटेल को अवगत कराया।
---------------
नवान्न और राइटर्स में 98 फीसदी उपस्थिति

- निर्धारित समय में कार्यालय पहुंचे कर्मचारी
कोलकाता.

पेट्रोल-डीजल तथा रसोईगैस के मूल्यों में इजाफा के विरोध में सोमवार को कांग्रेस का भारत बंद और वाममोर्चा की हड़ताल का पश्चिम बंगाल सरकार के कार्यालयों में कोई असर नहीं पड़ा। राज्य सचिवालय नवान्न, राइटर्स बिल्डिंग्स समेत राज्य सरकार के समस्त कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति 98 फीसदी रही। राज्य सरकार ने गत शुक्रवार को ही कर्मचारियों के संदर्भ में फरमान जारी कर हड़ताल के दिन कार्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। प्रशासनिक सुधार और कार्मिक विभाग के हवाले से सूत्रों ने बताया कि राज्य प्रशासन के अंतर्गत नवान्न, राइटर्स बिल्डिंग्स, न्यू सेक्रेटरिएट, विधानसभा सचिवालय, साल्टलेक स्थित विद्युत भवन, मयूख भवन, सिंचाई भवन, पूर्त भवन, अरण्य भवन सहित राज्य सरकार के अन्य कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति 98 फीसदी दर्ज की गई। हड़ताल के दौरान विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन, रेल रोको और पथावरोध को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कर्मचारियों को एक घंटे की छूट दे रखी थी। 10.30 के बजाय 11.30 बजे तक की समयसीमा में कर्मचारी अपने कार्यालयों में हाजिर हुए। विभिन्न सरकारी अस्पतालों में आमदिनों की तरह कामकाज हुआ।

Ad Block is Banned