ऐसा क्या हुआ कि ममता सरकार के कर्मचारी फूले नहीं समा रहे हैं, जानिए...

ऐसा क्या हुआ कि ममता सरकार के कर्मचारी फूले नहीं समा रहे हैं, जानिए...
ऐसा क्या हुआ कि ममता सरकार के कर्मचारी फुले नहीं समा रहे हैं, जानिए...

Prabhat Kumar Gupta | Updated: 23 Sep 2019, 08:52:46 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल ने सोमवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन वृद्धि संबंधी छठा वेतन आयोग की सिफारिशों पर मुहर लगा दिया।

कोलकाता.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल ने सोमवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन वृद्धि संबंधी छठा वेतन आयोग की सिफारिशों पर मुहर लगा दिया। फलस्वरूप आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2020 से लागू हो जाएगी। आयोग की सिफारिशों के अतिरिक्त कर्मचारियों का भत्ता बढ़ाया गया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के वित्त, उद्योग व वाणिज्य विभाग के मंत्री डॉ. अमित मित्रा ने बताया कि वेतन वृद्धि और भत्ता से संबंधित दिशा निर्देश (रोपा) शीघ्र जारी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसी कर्मचारी का वेतन यदि 100 रुपए है तो आयोग की सिफारिशों के अनुसार उसकी तनख्वाह बढ़ कर 280 रु 90 पैसे होंगे। कर्मचारियों के वेतन वृद्धि से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त 10,000 करोड़ का सालाना बोझ पड़ेगा।
बकाया डीए का वेतनमान में विलय:
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों का बकाया डीए को नए वेतनमान के साथ विलय (मर्ज) कर दिया जाएगा। संशोधित वेतन संरचना (सेलरी स्ट्रक्चर) के अनुसार राज्य सरकार के कर्मचारियों का न्यूनतन वेतन 6,600 रु से बढ़ कर 18,539 रुपए हो जाएगा। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार कर्मचारियों को कोई एरियर का भुगतान नहीं करने जा रही है। वित्त मंत्री डॉ. मित्रा ने बताया कि छठा वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी भी लाभान्वित होंगे।

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