ममता बनर्जी ने खोला वादों का पिटारा

मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने वादों का पिटारा खोलते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 (
West Bengal Assembly election 2021) के लिए बुधवार को पार्टी का घोषणापत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि वह बेहतर और समृद्ध बंगाल के निर्माण के लिए 10 वादे कर रही हैं।

By: Rabindra Rai

Published: 17 Mar 2021, 11:03 PM IST

घोषणा पत्र: घर-घर राशन, गरीबों को 6 हजार सालाना
विद्यार्थियों को विशेष क्रेडिट कार्ड, 5 लाख नौकरी के वादे
कोलकाता. मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने वादों का पिटारा खोलते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 (
West Bengal Assembly election 2021) के लिए बुधवार को पार्टी का घोषणापत्र जारी किया। उन्होंने कहा कि वह बेहतर और समृद्ध बंगाल के निर्माण के लिए 10 वादे कर रही हैं। ये वादे अगले पांच सालों के लिए राज्य के विकास का रोडमैप होगा। उन्होंने ऐलान किया कि तृणमूल सरकार फिर सत्ता में लौटी तो डोर स्टेप डिलीवरी की शुरुआत होगी। लोगों के घर तक राशन पहुंचाया जाएगा। मई से विधवा पेंशन के तौर पर एक हजार रुपए दिए जाएंगे। निम्न आय वर्ग के लोगों को सालाना छह हजार रुपए दिए जाएंगे। गरीब एससी और एसटी को सालाना 12 हजार रुपए दिए जाएंगे। ममता बनर्जी ने विद्यार्थियों के लिए 10 लाख रुपए तक के विशेष क्रेडिट कार्ड देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हम बेरोजरागी को कम करेंगे। एक साल में 5 लाख नौकरी के अवसर तैयार करेंगे। 10 लाख एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) इकाइयां स्थापित करेंगे। ममता बनर्जी ने अपनी तबीयत का भी जिक्र करते हुए कहा कि मेरा स्वास्थ्य खराब होने के कारण घोषणा पत्र जारी करने में देर हुई। उन्होंने कहा कि हम कन्याश्री, रूपश्री, स्वास्थ साथी योजनाओं को जारी रखेंगे। हर साल चार महीने दुआरे सरकार योजना चलती रहेगी। राज्य के हर परिवार की न्यूनतम कमाई को सुनिश्चित किया जाएगा। पिछले कुछ सालों में राज्य में लोगों की कमाई दो गुनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक तृणमूल प्रमुख ने हर वर्ग तथा हर समाज को लुभाने की कोशिश की।
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इन समुदायों को लाएंगे ओबीसी के वर्ग में
तृणमूल प्रमुख ने कहा कि वह मंडल आयोग की तरफ से मान्यता प्राप्त समुदायों जैसे माहिष्य, तिली, तामुल और साहा को ओबीसी वर्ग में लाने की जांच और इसकी सिफारिश करने के लिए विशेष कार्यबल बनाएंगी। इसके साथ ही मालदा जिले के कुछ हिस्सों में अनुसूचित जनजाति के रूप में रहने वाले किसान जाति की मांगों को पूरा करने का उन्होंने आश्वासन दिया। वह महतो समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के लिए केंद्र सरकार के साथ आक्रामक रवैया अपानाएंगी।
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बंगाल का राजस्व बढ़कर 75 हजार करोड़
ममता ने कहा कि जब तृणमूल कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई थी तो बंगाल का राजस्व 25 हजार करोड़ रुपए था जो कि अब बढ़कर 75 हजार करोड़ रुपए हो गया है। न्होंने कहा, 'यह राजनीतिक घोषणापत्र नहीं है, यह विकासोन्मुखी घोषणा पत्र है। यह लोगों का, लोगों के लिए और लोगों द्वारा घोषणापत्र है। ममता बनर्जी ने घोषणापत्र को तुष्टीकरण बताने वाले एक सवाल के जवाब में कहा कि यह समय की जरूरत है, लोकतांत्रिक सरकार इस समय देश की जरूरत है। तृणमूल प्रमुख ने माना कि कोरोना काल की वजह से उनकी सरकार कुछ काम पूरे नहीं कर पाई।
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हमारा लक्ष्य सभी को साथ लेकर चलने का
ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने अपना जीवन मातृभूमि को समर्पित किया है और हमारा लक्ष्य सभी को साथ लेकर चलने का है। हमारी सरकार में लोगों की आय बढ़ी है। हमने किसानों और मजदूरों के लिए काम किया। हमारी कोशिश यही रही कि लोगों को निर्धनता से उठाया जा सके। सीएम ने कहा कि हमने जाति, धर्म से ऊपर उठकर लोगों के लिए काम किया है। हमारी सरकार ने लोगों को रोजगार दिया। मैं बंगाल की बेटी हूं और यह घोषणा पत्र मां, माटी व मानुष के लिए है।
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10 साल की उपलब्धियां गिनाई
मुख्यमंत्री ने अपने 10 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 100 दिनों के काम में बंगाल देश मे नंबर वन है। आप जानते हैं कि हमने अपने सभी वादे पूरे किए हैं। हम लोगों ने जो काम किया, उसकी तारीफ दुनियाभर में हो रही है। हमें यूएन से पुरस्कार भी मिला। हमने राज्य में 40 प्रतिशत गरीबी घटाई और किसानों की आय तीन गुना बढ़ाई। 47 लाख परिवार को नल का पानी पहुंचाया गया है। राज्य में 1.5 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया है।
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प्रमुख घोषणाएं
-किसानों के लिए वार्षिक वित्तीय सहायता 6 हजार से बढ़ा कर 10 हजार रुपए
-उच्चतर शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को 10 लाख रुपए की खर्च सीमा वाला क्रेडिट कार्ड, सिर्फ चार प्रतिशत ब्याज दर पर
- सामान्य श्रेणी के लिए 6,000 रुपए और पिछड़े समुदाय के लोगों के लिए 12,000 रुपए की न्यूनतम वार्षिक आय सुनिश्चित होगी
- बंगाल आवास योजना में 25 लाख घर बनाने के लिए मदद की जाएगी।
-पहाड़ी इलाकों में विकास के काम बढ़ाने के लिए पहाड़ विकास बोर्ड बनेगा
- विधवाओं को हर महीने दिए जाएंगे एक हजार रुपए

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021
Rabindra Rai Editorial Incharge
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