Now big politics in Bengal: ममता एक और बड़ा दांव खेलने के मूड में

Now big politics in Bengal:   ममता एक और बड़ा दांव खेलने के मूड में

Rabindra Rai | Publish: Jun, 20 2019 04:04:51 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

Mamata स्थानीय निकाय चुनाव ballot paper से कराकर central government को घेरने के मूड में हैं। दूसरी तरफ Bjp के राष्ट्रीय महासचिव Sayantan Basu ने कहा है कि हारने के डर से Mamata चोरी करने का शॉर्टकट ढूंढ रही हैं, लेकिन bjp इसे सफल नहीं होने देगी

फिर बैलेट पेपर के दौर में लौटाने का फैसला हो सकता है परेशानी भरा
कोलकाता. भाजपा नीत केन्द्र सरकार के खिलाफ शुरू से हमलावर रही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी अब केन्द्र के खिलाफ बड़ा दांव खेलना चाहती है। अघोषित रूप से विपक्ष की अगुवाई कर रही ममता स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराकर केन्द्र सरकार को घेरने के मूड में हैं। दूसरी तरफ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सायंतन बसु ने कहा है कि हारने के डर से ममता बनर्जी वोट चोरी करने का शॉर्टकट ढूंढ रही हैं, लेकिन भाजपा इसे सफल नहीं होने देगी। आवश्यकता पडऩे पर इसके खिलाफ न सिर्फ मुखर आंदोलन होगा बल्कि कानूनी कदम भी उठाया जाएगा। खास बात यह है कि पंचायत की तरह नगरपालिका का चुनाव कराने की जिम्मेवारी भी राज्य सरकार की होती है और इसमें केंद्र सरकार अथवा चुनाव आयोग विशेष हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इसलिए ममता का यह फैसला भाजपा के लिए काफी परेशानी भरा हो सकता है।
यह सच है कि आजादी के बाद से चुनाव के समय बैलेट पेपर लूटने की कुख्यात घटनाओं पर रोक लगाने के लिए चुनाव आयोग ने अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल शुरू किया था। लेकिन अब जब लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा है तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर चुनाव को बैलेट पेपर से कराने की मुहिम तेज कर दी है। इसकी शुरुआत वह 2020 में होने वाले नगरपालिका चुनाव से करने जा रही हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुख्यमंत्री ने राज्य के नगरपालिका और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि 2020 में होने वाले नगरपालिका का चुनाव बैलेट पेपर से हो। इसके लिए सारी तैयारियां शुरू की जाए। निर्देश मिलने के बाद मंत्री हकीम ने तत्काल इसकी प्रक्रिया पूरी करने की शुरुआत कर दी है।
ममता ने आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने ईवीएम में छेड़छाड़ के जरिए अपनी जीत सुनिश्चित की है इसलिए जरूरी है कि पूर्व की तरह बैलेट पेपर पर चुनाव हो। उन्होंने कहा है कि देश की अन्य विपक्षी पार्टियां भी चाहती हैं कि चुनाव बैलेट पेपर के जरिए ही हो। इसलिए इसकी शुरुआत वह सबसे पहले बंगाल से करना चाहती हैं।
राज्य सचिवालय सूत्रों के हवाले से खबर है कि 2020 में राज्यभर की 125 नगर पालिकाओं में चुनाव होने हैं। इस बार संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के दौरान अधिकतर नगर पालिकाओं में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा है। कई क्षेत्रों में तो तृणमूल कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था।
इसलिए नगरपालिका का चुनाव बैलेट पेपर से कराने का ममता बनर्जी का फरमान काफी बड़ा संकेत माना जा रहा है। दरअसल बैलेट पेपर से चुनाव होने पर प्रशासन की मिलीभगत से अपराधी आसानी से मतदान पेटी लेकर फरार हो जाते हैं। अथवा बोगस वोटिंग कर एक साथ मतपेटी के अंदर डाला जा सकता है। इससे मतदान में धांधली की संभावना कई गुना अधिक रहती है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री ने इस बार नगरपालिका चुनाव बैलेट पेपर से ही कराने की ठान ली है। खास बात यह है कि 2018 में जिस तरह से पंचायत वोट हुए थे तब भी बैलेट पेपर से ही मतदान हुआ था। तब राज्य भर में भाजपा के करीब 80 कार्यकर्ताओं के मारे जाने का दावा पार्टी की ओर से किया गया था। इसके अलावा मतदान के समय कई मतदान केंद्रों से बैलट बॉक्स लेकर फरार होते अपराधियों की तस्वीरें वायरल हुई थीं। कई जगह अपराधियों ने बैलट बॉक्स को नाले या तालाब में फेंक दिया था।

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