ममता ने फिर बोला केन्द्र सरकार पर हमला

ममता ने फिर बोला केन्द्र सरकार पर हमला

Manoj Kumar Singh | Publish: Feb, 15 2018 10:45:16 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

एफआरडीआई बिल वापस ले केन्द्र-ममता, कहा, पीएनबी घोटाले की हो उच्च स्तरीय जांच

झाडग़्राम

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को वित्तीय प्रस्ताव और डिपाजिट इंश्योरेंश (एफआरडीआई) वापस लेने और 11 हजार करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले की समय-सीमा निर्धारित कर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। जांच नहीं कराने पर केन्द्र सरकार के खिलाफ वृहद आंदोलन करने की कड़ी चेतावनी दी।
झाडग़्राम के बेलपहाड़ी में दोपहर कलस्टर परियोजनाओं का उद्घाटन करने से पहले आयोजित रैली में मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन गरीब लोगों के बारे में जरा भी नहीं सोच रही हैं। वह एफआरडीआई बिल ला रही है। यह बिल जनविरोधी है। लोग बैंकों में अपनी गाढ़ी कमाई जमा करते हैं यदि यह विधेयक पास हो गया, तो लोगों की रकम के सुरक्षित रहने की कोई गारंटी नहीं होगी। केन्द्र सरकार जब चाहेगी तब जनता के पैसे ले लेगी। इस लिए उन्होंने केन्द्र सरकार को पत्र लिख कर इस बिल को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बेलपहाड़ी आने से पहले उन्होंने केन्द्र सरकार को दूसरी कड़ी चिट्ठी भेज कर उक्त बिल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पत्र में उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि पत्र में अरुण जेटली से कहा है कि केन्द्र सरकार आम लोगों के पैसे आसानी से नहीं पचा सकती है। लोगों में हताशा है। इस बिल को वापस लेना ही होगा। उन्होंने कहा कि जवाब में अरुण जेटली ने कहा है कि इस बिल के पास होने से गरीबों के पैसे पर कोई आंच नहीं आएगी। इससे पहले मंगलवार को ममता बनर्जी ने नदिया जिले के कृष्णनगर में जनसभा में एफआरडीआई बिल के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन करने की धमकी दी थी।

तय समय में हो जांच

इस दिन ममता बनर्जी ने पीएनबी घोटाले को ले कर केन्द्र सरकार तीखा वार किया। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पीएनबी की मुंबई शाखा में हुए घोटाले की उच्च स्तरीय जांच काराई जाए। सरकार इसके लिए समय-सीमा निर्धारित करे।

यह जमा राशि आम जनता की थी। देशवासियों को यह जानने का हक है कि उनकी जमा राशि के साथ क्या हुआ। अगर केन्द्र सरकार इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराएगी तो वे उसे छोडऩे वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की जन विरोधी और जन वित्तीय नीतियों के कारण बैंकिंग प्रणाली से जनता का भरोसा उठता जा रहा है।

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