नंदीग्राम विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल कर सकती हैं ममता बनर्जी

ममता बनर्जी को 50 हजार वोट से हराने की शुभेंदु ने दी है चुनौती, इस सीट से भाजपा के शुभेंदु के लडऩे की संभावना

By: MOHIT SHARMA

Published: 04 Mar 2021, 12:41 AM IST

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में चुनावी रणभेरी बज चुकी है। प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार कोलकाता के भवानीपुर सीट को छोडक़र बहुचर्चित नंदीग्राम सीट से नामांकन दाखिल करने की तैयारी कर चुकी हैं। तृणमूल सूत्रों ने बताया है कि घोषणा के मुताबिक आगामी 11 मार्च को सीएम नंदीग्राम सीट से नामांकन दाखिल करेंगी। तमलुक अथवा हल्दिया प्रशासनिक भवन में वह अपना नामांकन दाखिल करने वाली हैं। 2011 और 2016 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर शुभेंदु अधिकारी की बड़ी बहुमत से जीत होती रही है, लेकिन इस बार उन्होंने ममता का साथ छोडक़र भाजपा का दामन थाम लिया है। क्षेत्र में अधिकारी परिवार का दबदबा माना जाता है और कार्यकर्ताओं तथा आम जनता के मन में यह भरोसा दिलाने के लिए कि शुभेंदु के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
18 जनवरी को ममता ने यहां एक रैली में घोषणा की थी कि वह नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने दावा किया था कि यहां से उनकी जीत तय है। इसके जवाब में चुनौती देते हुए अधिकारी ने कहा था कि इस विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को 50000 वोट से नहीं हरा सकें तो राजनीति छोड़ देंगे। अब टीएमसी सूत्रों ने बताया है कि ममता बनर्जी का नंदीग्राम से चुनाव लडऩा लगभग तय है। पार्टी को इस बात का भी एहसास है कि यहां उन्हें शुभेंदु अधिकारी से कड़ी टक्कर मिलेगी। क्षेत्र में जगह-जगह दीवार लेखन का काम हो रहा है जिसमें ममता बनर्जी को उम्मीदवार के तौर पर दिखाया जा रहा है। खास बात यह है कि इस विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या बहुतायत है। इन्हीं मतों के आधार पर ममता ने यहां से चुनाव लडऩे का निर्णय लिया है। अगर यहां से उनकी जीत होती है तो यह भारतीय जनता पार्टी के लिए करारा प्रहार होगा।

नंदीग्राम सीट का राजनीतिक समीकरण
पूर्व मेदिनीपुर में स्थित इस विधानसभा क्षेत्र का 96.65 फ़ीसदी हिस्सा शहरी है और 3.35 फ़ीसदी हिस्सा ग्रामीण है। यहां एससी और एसटी का रेशियो 16.46 और 0.1 है। 2019 के लोकसभा चुनाव के मुताबिक यहां मतदाताओं की कुल संख्या 246429 है और 278 मतदान केंद्र हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान 84.18 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था जबकि उसके पहले 2016 के विधानसभा चुनाव में 86.97 फीसदी लोगों ने वोट दिए थे।

2016 में किसे मिले कितने वोट
2016 के विधानसभा चुनाव में यहां से तृणमूल के टिकट पर शुभेंदु अधिकारी ने जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 134623 लोगों ने वोट दिया था जबकि दूसरे नंबर पर माकापा के अब्दुल कबीर शेख थे जिन्हें 53393 लोगों ने मतदान किया था। भारतीय जनता पार्टी तीसरे नंबर पर रही थी और उम्मीदवार विजन कुमार दास को महज 10813 लोगों के वोट मिले थे। इस बार हालात बदल गए हैं और शुभेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी में हैं। यह लगभग तय है कि शुभेंदु को ही टिकट मिलेगा और ना केवल भाजपा के बल्कि तृणमूल कांग्रेस के भी मतदाता बड़ी संख्या में उनके पक्ष में हैं। इस बार अगर यहां से ममता बनर्जी चुनाव लड़ती हैं तो इस बार उन्हें जीत का स्वाद चखने को मिलता है या हार का मुंह देखना पड़ेगा यह समय बताएगा। हालांकि अभी तक भाजपा या तृणमूल किसी ने भी उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है।

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