डेंगू और मलेरिया के खिलाफ महानगर में निकाली गई महारैली

डेंगू और मलेरिया के खिलाफ महानगर में निकाली गई महारैली

Jyoti Dubey | Publish: Feb, 03 2019 05:45:41 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

महानगर को डेंगू व मलेरिया के मच्छरों से मुक्त कराने के लिए कोलकाता नगर निगम की ओर से शनिवार को पूरे शहर में जागरूकता महारैली निकाली गई। रैली की शुरूआत निगम मुख्यालय से मेयर फिरहाद हकीम की अध्यक्षता में निकाली गई रैली से की गई।

- नेता-अभिनेता के अलावा स्कूली छात्रों ने भी लिया हिस्सा

- सांस्कृतिक कार्यक्रम व मच्छरों के टैबलो के साथ किया गया प्रचार

कोलकाता. महानगर को डेंगू व मलेरिया के मच्छरों से मुक्त कराने के लिए कोलकाता नगर निगम की ओर से शनिवार को पूरे शहर में जागरूकता महारैली निकाली गई। रैली की शुरूआत निगम मुख्यालय से मेयर फिरहाद हकीम की अध्यक्षता में निकाली गई रैली से की गई। शहरवासियों को डेंगू-मलेरिया से सर्तक करने के लिए निकाली गई इस प्रचार रैली में मेयर के साथ ही बिजली मंत्री शोभन देव चट्टोपाध्याय, अभिनेता व विधायक दीपक अधिकारी, उपमेयर अतीन घोष व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा रैली में स्कूली बच्चे, निगम के स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, आम नागरिक व विभिन्न समाजसेवी संस्थाएं भी शामिल थीं। अपनी बात को जन-जन तक पहुंचाने के लिए और शहरवासियों को आकर्षित करने के लिए रैली में कई तरह की झाकियां निकाली गई। एक ओर जहां कलाकारों के एक समूह ने पहाड़ी नृत्य व गाने के साथ जागरुकता झाकियां निकाली, वहीं बंगाल के संस्कृति की पहचान बाउल गीतों को भी प्राचर के लिए इस्तेमाल किया गया। स्कूली बच्चे व निगम सफाई कर्मी अपने-अपने हाथों में मच्छरों से बचाव के टैबलो लिए हुए थे। साथ ही राहगीरों में वे पर्चे भी बांट रहे थे।

- विपक्षी पार्षदों ने भी अपने-अपने वार्डों में निकाली रैलियां

गौरतलब है कि कोलकाता नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस महारैली को शहर के सभी 144 वार्डों में स्थानीय पार्षदों के नेतृत्व में निकालने का निर्देश दिया गया था। उनके इस निर्देश को तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने तो माना ही, विपक्षी दलों के पार्षदों ने भी इस निर्देश का अनुकरण किया। शनिवार की सुबह लगभग शहर के सभी वार्डों में यह रैली निकाली गई। हालांकि भाजपा शासित सभी वार्डों में स्थानीय पार्षद इसका हिस्सा नहीं बन सकें, उनके अनुनाइयों ने रैली को संभाला। इसका मुख्य कारण राज्य में भाजपा के केंद्रिय नेताओं की ओर से आयोजित सभाएं थी। गौरतलब है कि वाम पार्षद रत्ना राय मजूमदार ने निगम की ओर से निकाली गई रैली में भारी संख्या में नेताओं और अभिनेताओं की उपस्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नेताओं और अभिनेताओं की भीड़ इकट्ठा करने से बेहतर होता कि सरकार डॉक्टरों और इस विषय से जुड़े विशेषज्ञों को रैली का हिस्सा बनाया जाता।

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