कूचबिहार में हुआ नरसंहार, लोगों के धड़ों पर चलाईं गोलियां: ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूचबिहार के शीतलकूची में गोलीबारी की घटना को नरसंहार करार देते हुए रविवार को कहा कि निर्वाचन आयोग ने 72 घंटे के लिए जिले में नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि वो तथ्यों को दबाना चाहता है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने राज्य विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के दौरान शीतलकूची इलाके में लोगों के धड़ों पर गोलियां चलाईं।

By: Rabindra Rai

Updated: 11 Apr 2021, 11:20 PM IST

कहा, नेताओं के प्रवेश पर रोक लगाकर तथ्य दबाने की कोशिश कर रहा है चुनाव आयोग
हमारे पास हैं अयोग्य गृह मंत्री और अयोग्य केंद्र सरकार
सिलीगुड़ी/कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कूचबिहार के शीतलकूची में गोलीबारी की घटना को नरसंहार करार देते हुए रविवार को कहा कि निर्वाचन आयोग ने 72 घंटे के लिए जिले में नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि वो तथ्यों को दबाना चाहता है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने राज्य विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के दौरान शीतलकूची इलाके में लोगों के धड़ों पर गोलियां चलाईं। शीतलकूची में नरसंहार हुआ। मैं 14 अप्रेल तक शीतलकूची जाना चाहती हूं। आयोग कूचबिहार में प्रवेश को प्रतिबंधित करके तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रहा है। हमारे पास एक अयोग्य गृह मंत्री और अयोग्य केंद्र सरकार है।
पुलिस ने कहा है कि कूचबिहार जिले के शीतलकूची में शनिवार को स्थानीय लोगों द्वारा हमला किए जाने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने कथित तौर पर गोलीबारी की, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। ऐसा कहा जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने सीआईएसएफ जवानों की राइफलों को छीनने की कोशिश कीं।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सीआईएसएफ को स्थितियों से निपटना नहीं आता। मैं चुनाव के पहले चरण से कह रही हूं कि केंद्रीय बलों का एक वर्ग लोगों पर अत्याचार कर रहा है। मैंने नंदीग्राम में भी यह मामला उठाया था, लेकिन किसी ने मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आज भारी मन के साथ चुनावी सभा को संबोधित करूंगी। यह घटना मुझे डरा रही है।
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नाम बदलकर मोदी आचार संहिता कर दो
ममता ने निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि निर्वाचन आयोग को आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का नाम बदलकर मोदी आचार संहिता कर देना चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया कि भाजपा अपनी पूरी ताकत लगा सकती है, लेकिन दुनिया में कोई भी मुझे अपने लोगों के साथ रहने और उनका दुख साझा करने से नहीं रोक सकता। वे मुझे कूचबिहार में मेरे भाई-बहनों से मिलने से तीन दिन तक रोक सकते हैं, लेकिन मैं चौथे दिन वहां पहुंच जाऊंगी।
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पीडि़त परिवार से वीडियो कॉल पर की बात
ममता ने शीतलकूची में मारे गए एक व्यक्ति के भाई से संवाददाता सम्मेलन के दौरान वीडियो कॉल पर बात भी की और शोकसंतप्त परिवार को सभी प्रकार की मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया। वीडियो कॉल के दौरान व्यक्ति यह कहता सुनाई दिया कि जवानों ने मतदाताओं पर गोलियां चलाई थीं।
व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से कहा कि वह (गोलीबारी में मारे गए चार लोगों में शामिल व्यक्ति) एक पंक्ति में खड़ा था, तभी जवानों ने गोलियां चला दीं। उसकी पत्नी गर्भवती है। उसका तीन साल का एक बच्चा भी है। हमारे माता-पिता सदमे में हैं और पूरी तरह टूट गए हैं। ममता ने वीडियो कॉल का प्रबंध करने वाले तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता से कहा कि वह इस मामले में दर्ज कराई गई प्राथमिकी की एक प्रति उन्हें भेजें।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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