गौड़ीय उत्सव में जुटने लगे दुनिया भर के भक्त

गौड़ीय उत्सव में जुटने लगे दुनिया भर के भक्त

Manoj Kumar Singh | Publish: Feb, 03 2018 11:06:30 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

- मायापुर में 18 फरवरी से शुरू होगा उत्सव 50 देशों के 6 हजार कृष्ण भक्त लेंगे हिस्सा

कोलकाता.
चैतन्य महाप्रभु की तपस्थली के रूप में स्वीकृत और कृष्ण भक्तों के अंतरराष्ट्रीय नक् शे की शोभा बढ़ाने वाले पश्चिम बंगाल के नदिया जिला स्थित मायापुर में गौड़ीय उत्सव 18 फरवरी से होने जा रहा है। उत्सव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। गौड़ पूर्णिमा के मौके पर होने वाले इस उत्सव में हिस्सा लेने के लिए विदेशों से बड़ी संख्या में इस्कान के भक्त अभी से ही मायपुर स्थित इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉनसिएसनेस (इस्कॉन) के ग्लोबल मुख्यालय पहुंचने लगे हैं।

मायापुर के गौड़ीय वैष्णव समुदाए के लिए यह सब से बड़ा उत्सव है। उत्सव आठ दिन तक चलेगा। इस्कॉन मायापुर की ओर से जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस उत्सव में देश-विदेश के दस हजार प्रतिनिधि भक्त हिस्सा लेंगे। जिनमें 50 देशों के 6000 और देश भर के 4000 प्रतिनिधि भक्त हिस्सा लेंगे। जिनमें रूस, चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ ही आस्ट्रेलिया, अफ्रीका और बांग्लादेश के भी भक्त होंगे। उत्सव के अलावा मायपुर में इस्कॉन लीडरशिप संघ (आईएलएस) में 1000 हजार से अधिक वरिष्ठ भक्तगण, कार्यालय पदाधिकारी और इस्कॉन मंदिरों के अध्यक्षों का जमावड़ा होगा। यह प्रत्येक एक साल बाद मायापुर में होता है।
- 80 किलो मीटर भ्रमण करेंगे भक्त

नवद्वीप मण्डल परिक्रमा के दौरान इस्कॉन के भक्त 80 किलोमीटर उन प्रमुख जगहों की परिक्रमा करेंगे और उन प्रमुख जगहों पर जाएंगे, जहां चैतन्य महाप्रभु ने भ्रमण किया था।
- सौ साल पहले हुआ था शुरू

यह साल नवद्वीप मण्डल परिक्रमा का 100 वां साल है। इसकी शुरूआत भक्ति सिद्धान्त सरस्वती प्रभुपद ने वर्ष 1918 में की थी। तब से प्रत्येक फरवरी में इसे उत्सव के रुप मेें मनाया जाता है। इस परिक्रमा के कारण मायापुर ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रसिद्धि पाई और अब इस परिक्रमा ने विश्व के धार्मिक पर्यटन नक्शे में अपना स्थान बना लिया है। देश के विभिन्न जगहों के अलावा दूसरे देशों के पर्यटक वहां आते हैं।
- चैतन्य के दर्शन पर होंगे कार्यक्रम

गौड़ उत्सव के अंतिम दिन इस्कॉन के अंतरराष्ट्रीय समूह सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम चैतन्य महाप्रभु के जीवन, उनके दर्शन और उनके उपदेशों पर आधारित होंगे। यह 26 फरवरी से शुरू होगा और दो मार्च को गौड़ पूर्णिमा के दिन इसका समापन होगा। इस्कॉन के अनुसार इसके अलावा 4 से 11 फरवरी तक प्रबंधन में शिष्टाचार, इस्कॉन में अध्यात्म नेतृत्व, इस्कॉन की पहुंच में नवीनता और परम्परा की समझ और सेवक नेतृत्व का राज सहित अन्य विषयों पर 60 सेमीनार होंगे।

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