सौर ऊर्जा तैयार करेगी रक्षा मंत्रालय की संस्थान मेटल एंड स्टील फैक्टरी

भारतीय सेना के लिए तोप और अन्य हथियारों के पुर्जे तैयार करने वाली रक्षा मंत्रालय की संस्थान मेटल एंड स्टील फैक्टरी, ईशापुर ने पर्यावरण हितैषी ऊर्जा उत्पन्न करने की दिशा में रुचि दिखाई है।

कोलकाता.
भारतीय सेना के लिए तोप और अन्य हथियारों के पुर्जे तैयार करने वाली रक्षा मंत्रालय की संस्थान मेटल एंड स्टील फैक्टरी, ईशापुर ने पर्यावरण हितैषी ऊर्जा उत्पन्न करने की दिशा में रुचि दिखाई है। फैक्टरी प्रबंधन ने 10.5 करोड़ की लागत से 3 मेगावॉट क्षमता वाले सोलर पैनल (सौर ऊर्जा) स्थापित करने का निर्णय लिया है।

महाप्रबंधक संजय चावला ने सोमवार को फैक्टरी इस्टेट के तहत नॉर्थलैंड में उक्त पैनल की आधारशिला रखी। इस अवसर पर चावला ने पत्रिका को बताया कि केंद्रीय नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से स्थापित होने वाला सोलर पैनल प्रतिदिन 10,500 यूनिट सौर ऊर्जा तैयार करेगा। सौर ऊर्जा का उपयोग इस्टेट के अधीन स्टाफ क्वार्टरों और फैक्टरी में किया जाएगा। इसके लगाने का मुख्य उद्देश्य फैक्टरी वाले इलाके में ना केवल प्रदूषण को कम करना है बल्कि बिजली के मद में संस्थान पर पडऩे वाला बोझ भी कम होगा।

चावला ने बताया कि सोलर पैनल के स्थापित होने तथा 3 मेगावॉट सौर ऊर्जा पाने पर फैक्टरी को सालाना 1.14 करोड़ रुपए की बचत भी होगी। फिलहाल मेटल एंड स्टील फैक्टरी को बिजली का सालाना बजट 40 करोड़ रुपए का है। चावला ने बताया कि सोलर प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई के बदले संस्थान की ओर से पर्यावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1570 से अधिक पौधे लगाए गए।

इस अवसर पर एडीशनल जीएम(1) तुलाराम पटेल, एडीशनल जीएम सुकांत सरकार, ज्वाइंट जीएम पी.के. पटनायक और इलेक्ट्रिक मेन्टेनेंस विभाग की वक्र्स मैनेजर प्रियंका शर्मा, उत्तर 24 परगना जिले की वन अधिकारी निरंजीता मित्रा सहित अन्य अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे। उक्त सोलर पैनल का निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. बेंगलुरु और हैदराबाद की सन टेक्नोलॉजी इंडिया प्रा.लिमिटेड के सहयोग से होगा।

Prabhat Kumar Gupta Reporting
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