दीपावली से पहले नहीं शुरू होगी दक्षिणेश्वर तक मेट्रो सेवा

कई उपकरणों के नहीं पहुंचने से हुआ विलंब
-नए साल में लोगों को मिल सकता है यह तोहफा

By: Krishna Das Parth

Published: 30 Oct 2020, 12:21 AM IST

कोलकाता . इस वर्ष कालीपूजा या दीपावली से पहले दक्षिणेश्वर तक मेट्रो नहीं पहुंच पाएगी। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। मेट्रो के सिग्नल सिस्टम के कुछ आपातकालीन उपकरण जर्मनी से समय पर नहीं पहुंच पाए हैं, इसीलिए काम में विलंब हो रहा है।
हालांकि, काम की गति को देखते हुए मेट्रो के अधिकारियों का मानना था कि इस वर्ष दीपावली तक यह सेवा शुरू हो जाएगी। इस स्थिति में बरानगर, नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक चार किलोमीटर का मेट्रो मार्ग जल्द ही उत्तर-दक्षिण मेट्रो से जुड़ जाएगा। स्टेशन सहित अन्य बुनियादी ढांचा पहले से ही था। लेकिन विदेश से कुछ सिग्नल उपकरणों के असामयिक आगमन के कारण, इस वर्ष समय पर काम नहीं हो सका। मेट्रो के सूत्रों के मुताबिक, मेट्रो को उस रूट पर चलाने के लिए हमें अगले साल की शुरुआत तक इंतजार करना पड़ सकता है।
टाला ब्रिज के तोडऩे के बाद से उत्तरी उपनगरों में मेट्रो-यात्रियों की निर्भरता काफी बढ़ गई है। बहुत से लोग बीटी रोड पर बिना किसी यातायात भीड़ के श्यामबाजार या मध्य कोलकाता पहुंचने के लिए नोआपाड़ा से मेट्रो का उपयोग कर रहे हैं। अधिकारियों ने डनलप और बरानगर के बड़े क्षेत्रों की यात्रा करने के लिए लोगों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दक्षिणेश्वर के लिए मेट्रो शुरू करने की योजना को आगे बढ़ाया।
विस्तारित मेट्रो, बरानगर और दक्षिणेश्वर दो स्टेशनों के मेट्रो लाइन शीट का काम भी खत्म हो गया है। तीसरा रेल स्थापना और बिजली कनेक्शन का काम पूरा होने वाला है। अब ट्रैक के दोनों ओर प्रकाश व्यवस्था का काम चल रहा है।
लॉकडाउन के भीतर कुछ महत्वपूर्ण सिग्नल से संबंधित उपकरण जर्मनी से आने वाले थे। दो ट्रेनों के संपर्क में आने या टकराने जैसी स्थितियों से बचने के लिए मार्ग पर ट्रेन प्रोटेक्शन वॉर्निंग सिस्टम (टीपीडब्ल्यूएस) तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके विभिन्न उपकरण जर्मनी से आने वाले थे। यह प्रक्रिया लॉकडाउन में आयात प्रतिबंध के मद्देनजर एक ठहराव के रूप में सामने आई है। सूत्रों ने कहा कि उन सभी उपकरणों को स्थापित करके आवश्यक परीक्षणों को पूरा करने के लिए इसे इस वर्ष रोल आउट किया जा सकता है।
हालांकि, मेट्रो रेल महाप्रबंधक मनोज जोशी ने बुधवार को कहा, "हम इस साल दिसंबर तक शेष काम पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।" ट्रेनें अब कावि सुभाष से नोआपाड़ा तक पूरे उत्तर-दक्षिण मेट्रो लाइन पर चलती हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक चार किलोमीटर के मेट्रो स्ट्रेच के लिए बहुत लंबे व्यायाम की आवश्यकता नहीं होगी।
मेट्रो अधिकारियों को उम्मीद थी कि अगर उस रूट पर मेट्रो शुरू की जाती है तो सामान्य परिस्थितियों में दैनिक यात्रियों की संख्या बढक़र 50-60 हजार हो जाएगी। डनलप से सटे बरानगर स्टेशन को यात्री दबाव से निपटने के लिए चौड़ा किया गया है। दक्षिणेश्वर मंदिर की निर्माण शैली को ध्यान में रखते हुए मेट्रो स्टेशन की संरचना बनाई गई है। हालांकि, ट्रेन को मोडऩे में कठिनाई होगी क्योंकि स्टेशन के पीछे कोई जगह नहीं है। स्थिति को संभालने के लिए मेट्रो चरणों में उस स्टेशन के अप और डाउन प्लेटफार्मों से रवाना होगी।

Krishna Das Parth Desk
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