नहीं थे पैसे, मां को बहंगी पर ले गए आधुनिक श्रवण कुमार

मां बोली, मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे ऐसे बेटे मिले


कोलकाता

ऐसे युग में जब लोग आत्म-केंद्रित हो गए हैं और माता-पिता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भूलते जा रहे हैं तब सिटी ऑफ ज्वॉय कोलकाता में अपनी मां को बहंगी से अस्पताल से स्टेशन ले जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पैसे नहीं होने पर आधुनिक श्रवण कुमार राम और लक्ष्मण अपनी मां को बहंगी से महानगर के बड़े मेडिकल कॉलेजों में से एक नीलरतन सरकार अस्पताल से करीब 750 मीटर दूर सियालदह स्टेशन ले गए। बेटों के बारे में मां रमणी मंडल ने बताया कि मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे ऐसे बेटे मिले हैं।
दक्षिण 24 परगना जिले की रमनी मंडल नामक महिला का महानगर के बड़े मेडिकल कॉलेजों में से एक नीलरतन सरकार अस्पताल से इलाज चल रहा था। उपचार हो जाने के बाद पैसे नहीं होने पर राम और लक्ष्मण नामक दो पुत्र अपनी मां को बहंगी में रखकर अस्पताल से सियालदह स्टेशन ले गए। नीलरतन सरकार अस्पताल में रोजाना 5000 मरीज आउटडोर की चिकित्सा कराने आते हैं। इसके साथ ही 2000 मरीज विभिन्न वार्ड में भर्ती रहते हैं। राम और लक्ष्मण नामक दो पुत्रों को अस्पताल परिसर से अपनी मां को बहंगी से ले जाते शायद किसी ने देखी नहीं नहीं अथवा किसी ने पूछने का कष्ट नहीं किया। बेटों ने बताया कि बीमारी से तुरंत ठीक हुई मां को वे पैदल ले जाना नहीं चाहते लेकिन उनके पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे टैक्सी या रिक्शा का जुगाड़ कर सके।

सियालदह स्टेशन ले गए वहां से वे कैनिंग लोकल ट्रेन से घर गए। संयोग से स्टेशन से कोई गाड़ी नहीं मिली। लोगों ने बताया कि रास्ते में पेड़ गिर गए हैं,इसलिए रास्ता बंद हैं। स्टेशन से भी बेटे अपनी मां को बहंगी में ही लेकर घर गए।

बुलबुल व बीमारी के कारण पैसे की कमी
बेटे राम और लक्ष्मण ने बताया कि पिछले 15 दिनों से उनकी मां का इलाज नीलरतन सरकार अस्पताल में चल रहा था। मां की बीमारी के इलाज में ही काफी पैसे चले गए। इसके बाद बुलबुल चक्रवात के कारण काफी सुनसान का सामना करना पड़ा है। इसलिए उनके पास पैसे नहीं थे।

फ्री एम्बुलेंस की सेवा होती तो सुविधा होती
बेटों का कहना है कि अगर अस्पताल में नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा होती हो बेहतर होता। हमारे जैसे सैकड़ों निर्धन लोगों को मदद मिलती।

नीलरतन सरकार अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के उप अधीक्षक डॉ. दिवीपायन विश्वास ने बताया कि यह नो रेफरल अस्पताल है, अत: हम किसी मरीज को रैफर नहीं कर सकते। इसलिए सरकार कोई एम्बुलेंस सेवा मुहैया नहीं करवाती है। अगर मरीज रमणी मंडल के परिजनों ने संपर्क किया होता तो हम कोई न कोई वैकल्पिक व्यवस्था करते।

Renu Singh
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