बूंदा-बांदी के साथ मानसून ने दी आने की आहट

हुगली समेत कई जिलों में हुई हल्की बारिश
- केएमसी ने की जल जमाव से निपटने की तैयारियां

By: Krishna Das Parth

Published: 11 Jun 2021, 04:05 PM IST

kolkata
बूंदा-बांदी के साथ मानसून ने बंगाल में आने की आहट दे दी है। गुरुवार की रात को हुगली समेत कई जिलों में हल्की बारिश हुई। वैसे मौसम विभाग का कहना है कि कोलकाता महानगर सहित राज्यभर में शुक्रवार को मानसून आने के साथ ही बार-बार मध्यम बारिश हो सकती है। शहर में अगले 48 घंटों में 50 मिमी बारिश हो सकती है, लेकिन बाद में बारिश धीमी हो जाएगी। बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब बन रहा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बंगाल से ज्यादा ओडिशा में निम्नदाब का असर पड़ेगा। मौसम विभाग में 11 से 14 जून तक दक्षिण बंगाल के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जताया है। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, हुगली समेत विभिन्न जिलों में गुरुवार सुबह से ही आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल रखा है। कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश भी हुई।
west bengal ke जिलों में तापमान कई डिग्री उतर आया है पिछले कुछ दिनों से लोग उमस भरी गर्मी से परेशान थे। मौसम विभाग का कहना है कि 11 से दक्षिण बंगाल में होने वाली बारिश के साथ ही मानसूनी हवाएं भी चलेंगी। मौसम विभाग का कहना है कि रुक-रुक कर बारिश होगी जो मध्यम या भारी नहीं हो सकती है।

केएमसी ने की तैयारियां
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के सूत्रों ने बताया कि जल जमाव वाले सडक़ों से बारिश के पानी को निकालने के लिए हाई स्ट्रेन्थ वाले पंप तैयार रखने का निर्णय लिया है। केएमसी सीवरेज और ड्रेनेज विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हमारे अधिकांश पंप काम करने योग्य स्थिति में हैं और भारी बारिश होने पर सेवा में लगाए जाएंगे। अधिकारी के मुताबिक 74 ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों के करीब 377 पंप काम करने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा निगम बंद मैनहोलों को साफ करने के लिए अलग से लोगों को काम पर लगाएगा ताकि पानी जल्द से जल्द निकल जाए। निचले इलाकों में पानी निकालने के लिए सबमर्सिबल पंपों का इस्तेमाल किया जाए। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से नगर निगम आयुक्त के कार्यालय में एक पत्र भेजा गया है, जिसमें बारिश और हाई टाइड के आईएमडी पूर्वानुमान को देखते हुए सभी तैयारियां करने को कहा गया है।
20 हजार से अधिक लोगों को पहुंचाया सुरक्षित ठिकानों पर
पश्चिम बंगाल में तटीय क्षेत्रों में हाई टाइड की आशंका है। इसके अलावा आंधी तूफान के साथ भारी बारिश होगी। वज्रपात की भी आशंका है। मौसम विभाग ने इससे संबंधित अलर्ट पहले ही राज्य सरकार को भेज दिया था जिसकी वजह से सतर्क प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। मूल रूप से दक्षिण 24 परगना के विस्तृत इलाके में बाढ़ की आशंका को देखते हुए 20 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर बांध मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। गत 26 मई को पश्चिम बंगाल में यास चक्रवात आया था जिसकी वजह से उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा पूर्व मेदिनीपुर के विस्तृत इलाके में जलजमाव पहले से ही था। इसके अलावा पिछले पांच दिनों से लगातार बारिश हो रही है जिसके कारण जलस्तर और बढ़ा है। इस बीच शुक्रवार को हाई टाइड की वजह से समुद्र का जल रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश करेगा। इससे जानमाल के नुकसान की आशंका है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी पी उलगानाथन ने गुरुवार को बताया कि जो लोग चक्रवात के बाद स्कूल और अन्य राहत शिविरों में पहुंचाए गए थे उन्हें उसी जगह रहने को कहा गया है। जिला प्रशासन राज्य सिंचाई विभाग के साथ मिलकर काम कर रहा है।

Krishna Das Parth Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned