कोलकाता में और ट्राम मार्गों की बनाई जा रही योजना

- ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने की पहल
- शीर्ष अधिकारी ने कहा, पांचवें मार्ग को जल्द किया जाएगा बहाल

By: Rajendra Vyas

Updated: 21 Sep 2020, 07:52 PM IST

कोलकाता. कोलकाता में यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए अधिक ट्राम मार्गों की योजना बनाई जा रही है। चक्रवात अम्फान के दौरान पेड़ों के उखड़कर गिरने से बहुत सारे ट्राम मार्ग और ओवरहेड वायर सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गए थे। पश्चिम बंगाल परिवहन निगम (डब्ल्यूबीटीसी) के इंजीनियरों ने ट्राम की पटरियों को बहाल करने के लिए दिन-रात काम किया है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक राजनवीर सिंह कपूर ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि अब तक छह ट्राम मार्गों में से चार को बहाल कर दिया गया है और पांचवें को अगले सप्ताह से फिर से शुरू करने की योजना है। डब्ल्यूबीटीसी पहले से ही महानगर में 80 इलेक्ट्रिक बसें चला रहा है। वर्ष के अंत तक अन्य 50 इलेक्ट्रिक वाहन लाए जाएंगे। कपूर ने कहा कि डब्ल्यूबीटीसी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और डीजल से चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए अधिक ट्राम मार्ग बनाने पर जोर दे रहा है।
इस खंड में सेवा जल्द
उन्होंने कहा कि कॉलेज स्ट्रीट-वेलिंगटन खंड में कुछ मामूली मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद अगले सप्ताह से एस्प्लानेड और श्यामबाजार के बीच पांचवां ट्राम मार्ग शुरू होने की संभावना है। कपूर ने कहा कि डब्ल्यूबीटीसी ने पहले ही चार मार्गों टॉलीगंज-बालीगंज, राजाबाजार-हावड़ा ब्रिज, गरियाहाट-एस्प्लेनेड और हावड़ा-श्यामबाजार को बहाल कर दिया है।
उत्सर्जन को कम करने की कोशिश
कपूर ने कहा कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए योजनाए बनाई जा रही है। डब्ल्यूबीटीसी डीजल से चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए और अधिक ट्राम मार्ग खोलने पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि कोलकाता में लगभग एक तिहाई प्रदूषण के लिए बसें जिम्मेदार हैं, जो पारंपरिक बेड़े से जुड़े तुलनात्मक रूप से अधिक प्रदूषण पैदा करती हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में कुछ ट्राम में कलाकृति लगा कर यह दर्शाया गया है कि 1873 में घोड़े से खींची जाने वाली ट्राम सेवाएं कैसे शुरू हुईं और 1900 में सेवाओं का विद्युतीकरण किया गया। 1902 के बाद से इलेक्ट्रिक ट्रामकार ज्वॉय ऑफ सिटी में चल रही है।

Rajendra Vyas Editorial Incharge
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