बंगाल में नेता प्रतिपक्ष बन सकते हैं मुकुल या शुभेन्दु अधिकारी

राज्य में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा प्राप्त करने के बाद अब भाजपा में धीरे-धीरे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन की चर्चा होने लगी है। इस पद के लिए तीन नेताओं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय, नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मात देने वाले शुभेन्दु अधिकारी और अलीपुरदुआर से पार्टी विधायक और आरएसएस के करीबी मनोज टिग्गा के नाम उभर कर आ रहे हैं

By: Rabindra Rai

Published: 07 May 2021, 05:11 PM IST

भाजपा के पास दिख रहे मात्र दो विकल्प
कोलकाता. राज्य में मुख्य विपक्षी दल का दर्जा प्राप्त करने के बाद अब भाजपा में धीरे-धीरे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन की चर्चा होने लगी है। इस पद के लिए तीन नेताओं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय, नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मात देने वाले शुभेन्दु अधिकारी और अलीपुरदुआर से पार्टी विधायक और आरएसएस के करीबी मनोज टिग्गा के नाम उभर कर आ रहे हैं। इनमें पहले नंबर पर मुकुल रॉय, दूसरे स्थान पर शुभेन्दु अधिकारी और तीसरे नंबर पर मनोज टिग्गा का नाम आ रहा हैं। इनमें भी शुभेन्दु अधिकारी का पलड़ा भारी दिख रहा है। हालांकि पार्टी नेताओं का एक वर्ग उक्त पद पर किसी ऐसे नेता को बैठाना चाहता है, जिसके डीएनए में भाजपा हो। लेकिन इस चुनाव में पहली कतार के पुराने भाजपाई हार गए हैं और इस पद के उक्त उक्त तीनों दावेदारों में से दो कद्दावर नेता मुकुल रॉय़ और शुभेन्दु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में आए है। शुभेन्दु अधिकारी दिसंबर 2020 में भाजपा में आए हैं। मुकुल रॉय भाजपा में शुभेंदु अधिकारी से काफी अधिक पुराने हैं। लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के कारण वे इस पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार होंगे इसकी कम उम्मीद लगाई जा रही है। पार्टी का एक वर्ग चाहता है कि दूसरी बार विधायक बने मनोज टिग्गा को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए। लेकिन पार्टी को यह भरोसा नहीं है कि मनोज टिग्गा नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल पाएंगे। ऐसे में भाजपा में एक मात्र शुभेन्दु अधिकारी ही ऐसे नेता हैं, जो इस पद के लिए उपयुक्त हैं।
--
जिसके डीएनए में भाजपा हो
भाजपा के बड़े नेता का कहना है कि भले ही भाजपा सत्ता में नहीं आ सकी, लेकिन मुख्य विपक्षी दल का दर्जा प्राप्त किया है। इस लिए किसी ऐसे नेता को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए, जिसके डीएनए में भाजपा हो और आने वाले दिनों में जिसके नेतृत्व में बंगाल में आंदोलन संगठित हो सके। लेकिन पार्टी को ऐसा कोई पुराना नेता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी नेताओं के एक वर्ग का कहना है कि मुकुल रॉय नेता प्रतिपक्ष नहीं बनना चाहेंगे तो इस पद के लिए सबसे उपयुक्त शुभेन्दु अधिकारी ही हैं। अधिकारी भाजपा में नए जरूर हैं, लेकिन उन्होंने मुख्य्मंत्री को मात देकर अपना दम दिखाया है। साथ ही वे बंगाल में दो बार मंत्री रह चुके हैं और उन्हें संगठन का अनुभव है।
--
बातचीत कर कोई फैसला: दिलीप
इन सब के बीच विधानसभा चुनाव में नए बनाम पुराने भाजपाई की लड़ाई का खमियाजा भुगत चुकी भाजपा इस बारे में जल्दबाजी न कर सब कुछ ठोक बजाकर किसी नतीजे पर पहुंचना चाहती है। इस बारे में पूछे जाने पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष कहते है कि अभी इस बारे में कोई बात नहीं हुई है। पार्टी के भीतर बातचीत कर ही इस बारे में फैसला लिया जाएगा।

Rabindra Rai Editorial Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned