सियासी बिसात बिछाने में जुटे मुकुल राय

सियासी बिसात बिछाने में जुटे मुकुल राय

Shankar Sharma | Publish: Mar, 13 2015 12:42:00 AM (IST) Kolkata, West Bengal, India

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी से रिश्ते तल्ख होने के बाद पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव मुकुल राय

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी से रिश्ते तल्ख होने के बाद पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव मुकुल राय ने राजनीतिक बिसात बिछाने की गति तेज कर दी है। इस क्रम में उन्होंने गुरूवार को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की और उनसे राजनीतिक सलाह ली, हालांकि उन्होंने मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है।

इसके साथ ही राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने के लिए मुकुल राय उन सभी कारकों को अपना हथियार बनाने की रणनीति अपना रहे हैं, जो साढ़े तीन साल पहले तृणमूल कांग्रेस को राज्य की सत्ता में लाने में कारगर साबित हुए थे। चाहे मामला अल्पसंख्यक सम्प्रदाय का हो या फिर राज्य में तख्ता पलट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नंदीग्राम के मुद्दे का। संसद चलने के बावजूद मुकुल ने नंदीग्राम शहीद दिवस के मौके पर 14 मार्च को नन्दीग्राम जाने की घोषणा की है।

नंदीग्राम आंदोलन ने ममता बनर्जी को सड़क से राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने की पृष्ठभूमि तैयार की तो राज्य के 25 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं ने अपना समर्थन देकर उन्हें मुख्यमंत्री बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन मुद्दों के सहारे राजनीतिक लाभ उठाने में सांसद शुभेन्दु अधिकारी के साथ मिलकर मुकुल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब वे इन मुद्दों को अपनी राजनीति का सिक्का चलाने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। बताया जाता है कि वे इसके अलावा राज्य के बुद्धिजीवियों से भी संपर्क बढ़ा रहे हैं।
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