‘अन्याय का प्रतिकार करना सच्ची अहिंसा’

‘अन्याय का प्रतिकार करना सच्ची अहिंसा’

Shishir Sharan Rahi | Publish: Sep, 09 2018 10:41:40 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

पर्युषण पर्व के चौथा दिवस पर बोले कमल मुनि--केशलोंच समारोह

कोलकाता. जुल्म करना हिंसा, तो जुल्म सहना भी हिंसा है और अन्याय का प्रतिकार करना सच्ची अहिंसा है। कोई व्यक्ति अहिंसा को पलायनवादी तरीके पुकारता है अथवा डरपोक बुजदिल और कायर मानता है तो यह उसकी अज्ञानता है या अहिंसा के मर्म से वह अनभिज्ञ है। कायर आदमी अहिंसा का पालन नहीं कर सकता। राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने पर्युषण पर्व के चौथे दिवस दिवस पर केशलोंच समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुनि ने कहा कि निर्दोष के साथ कोई अनीति अन्याय करता है, तो उसे देखकर हाथ पर हाथ देखकर बैठे रहना अथवा अनदेखा कर अहिंसा दुहाई देना उसकी रक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाना अहिंसा को कलंकित और बदनाम करने के समान है। मुनि ने कहा कि जुल्म रोकने के लिए कफन का टुकड़ा सिर बांधते हुए प्राण तक की परवाह न करते हुए मोर्चे पर जो लगा रहता है वही सच्चा अहिंसावादी कहलाने का अधिकारी है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के शासकों ने युद्ध का नेतृत्व किया था। क्रांतिकारी व्यक्ति ही विजय पाकर अहिंसा की रक्षा कर सकता है। हम किसी को छोड़ते नहीं और चढऩे वाले को छोड़ते नहीं। हमारा शांति और प्रेम में विश्वास है यदि मेरी शांति कोई भंग करेगा तो उसको सबक सिखाना प्रथम कर्तव्य है। असामाजिक तत्वों के सामने आंखे मूंदना उनके हौसले बुलंद करने का पाप कमाना है। जैन संत ने कहा कि अपने कर्मों को भोग रहा है इस प्रकार की बातें कर अपने कर्तव्यों से पीछे हट जाना घोर पाप है। प्रवचन सभा में मुनि के केशलोंच समारोह में भारी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थीं। तपस्वी घनश्याम मुनि का ३३वां और मनीषा मेहता का 26वां उपवास रहा। कौशल मुनि ने अंतगढ़ सूत्र का वाचन किया।
------पर्युषण पर्व--साध्वी ने 4 चरणों में कराई अभिनव सामायिक
हावड़ा. साध्वी पीयूष प्रभा ठाणा-4 के सान्निध्य में अभातेयुप निर्देशित अभिनव सामायिक का आयोजन श्रीराम वाटिका में उतर हावड़ा तेयुप सदस्यों की मंगलाचरण से हुआ। पर्युषण पर्व के रविवार कार्यक्रम में श्रीराम वाटिका प्रांगण खचाखच भरा रहा। साध्वी ने 4 चरणों में अभिनव सामायिक करवाई। प्रथम चरण में त्रिपदी वन्दना, द्वितीय चरण में अ सी आ उ सा मंत्र का जप, तीसरे चरण में ध्यान और चौथे चरण में साध्वी ने स्वाध्याय योग कराया। साध्वी ने पंच परमेष्ठी का सूक्ष्मता, सरलता से सुंदर वर्णन किया। सभाध्य्क्ष जतन पारख ने स्वागत भाषण दिया। अभातेयुप पूर्व अध्य्क्ष रतन दुगड़, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नवीन दुगड़, उत्तर हावड़ा तेयुप अध्य्क्ष मनोज सिंघी ने अपने विचार व्यक्त किए। साध्वी भावना, साध्वी दीप्ति यशा ने सामायिक है मुक्ति की आराधना गीतिका का संगान किया। तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम सदस्यों ने पचरंगी सामायिक की आराधना की। राष्ट्रीय महामंत्री सुशील चोरडिय़ा सहित सैंकड़ो लोगों ने सामायिक आराधना की।संयोजन साध्वी दीप्ति यशा ने किया। मुख्य अतिथि तुलसी राम खटेड, रतन दुगड़ थे। उतर हावड़ा तेयुप से पर्यवेक्षक जितेंद्र सिंघी, संयोजक अजीत बैद, दीपक नखत, महेंद्र रांका, विनीत भंसाली, प्रायोजक जुगल किशोर, पवन बोथरा, सहयोगी परिषद् तेरापंथ युवक परिषद् कोलकाता, साउथ कोलकाता, पूर्वांचल, साउथ हावड़ा, उत्तर कोलकाता, हिन्दमोटर, लिलुआ, टालीगंज, बेहाला, उतर हावड़ा सभा, तेयुप, महिला मण्डल के सदस्यों का योगदान रहा।

 

 

Ad Block is Banned