नव वर्ष में यात्री सुविधाओं में सुधार की उम्मीद

नव वर्ष में यात्री सुविधाओं में सुधार की उम्मीद

Shankar Sharma | Publish: Jan, 01 2018 10:56:10 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

नववर्ष पर न केवल कैलेंडर में बदलाव होगा, बल्कि हमारे जीवन से जुड़ी कई चीजों में भी परिवर्तन होगा

कोलकाता. नववर्ष पर न केवल कैलेंडर में बदलाव होगा, बल्कि हमारे जीवन से जुड़ी कई चीजों में भी परिवर्तन होगा। इसमें रेलवे, मेट्रो से लेकर बैंकिंग और लघु बचत आदि सेकटर शामिल हैं। नए साल से रेल यात्रियों को स्टेशनों पर बेहतर यात्रा सुविधाएं मिलेंगी। यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए श्रेणियों के बगैर ही सभी स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज, ऊंचे प्लेटफॉर्म और व्हीलचेयर लाने-ले जाने के लिए ट्रॉली मार्ग सहित अनेक सुविधाएं दी जाएंगी।


स्टेशनों और यात्री संबंधों में सुधार के लिए निचली श्रेणी के स्टेशनों को प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म शेल्टर, लिफ्ट, एक्सेलेटर, डिजिटल चार्ट डिस्प्ले रोशनी, ट्रेन/कोच संकेतक बोर्ड जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने आमदनी, यात्री संख्या व रणनीतिक महत्व के आधार पर रेलवे स्टेशनों को फिर से श्रेणीबद्ध करने का निर्देश दिया है। इसके तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों की श्रेणियों में व्यापक संशोधन कर इसे व्यावहारिक और युक्तिसंगत बनाया जाएगा। स्टेशनों पर अधिक कारगर और केन्द्रित तरीके से यात्री सेवाओं और सुविधाओं की योजना बनेगी, जिसमें यात्रियों को स्टेशनों पर बेहतर यात्रा सुविधाएं मिलेगी। स्टेशनों का श्रेणीकरण पहले केवल वार्षिक यात्री आय के आधार पर किया जाता था। स्टेशन 7 श्रेणियों- ए1, ए, बी, सी, डी, ई तथा एफ में बंटी थीं।


स्टेशनों को प्रकार के आधार पर अलग-अलग कर 3 ग्रुप यानी गैर-उपनगरीय (एनएस), उप-नगरीय (एस) तथा हाल्ट (एच) में रखा गया है। पुराने मानक में अत्याधिक यात्री वाले स्टेशनों (बड़ी संख्या में यात्रियों तथा एमएसटी पासधारकों) को उच्च श्रेणी के स्टेशन में कवर नहीं किया जाता था जिसके कारण यह स्टेशन निचले स्तर की सुविधाओं के लिए पात्र होते थे।

यात्रियों की संख्या को बराबर महत्व
नए मानक के अनुसार स्टेशनों पर आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या को बराबर महत्व दिया गया है और स्टेशनों के श्रेणीकरण में एक मानक माना गया है। रेलवे स्टेशनों के श्रेणीकरण की नई योजना के अंतर्गत स्टेशनों को 3 समूहों-गैर-उपनगरीय, उप-नगरीय तथा हाल्ट में बांटा गया है। इससे आगे इन समूहों को 1-6 रेंज ग्रेड में रखा गया है। वर्तमान में 5976 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशन, 484 उपनगरीय रेलवे स्टेशन तथा 2153 हाल्ट हैं।

इस तरह स्टेशनों की कुल संख्या 8613 है। स्टेशनों का यह श्रेणीकरण 2017-18 से 2022-23 की अवधि के लिए किया गया है। महाप्रबंधक किसी स्टेशन को एनएसजी-4 श्रेणी में रख सकते हैं यदि यह स्थान पर्यटन महत्व का या महत्वपूर्ण जंक्शन स्टेशन है। इसके अतिरिक्त रेल मंत्रालय ने सभी महाप्रबंधकों को बिना किसी सीमा के सुरक्षा संबंधी कार्यों को बारी से पहले स्वीकृत करने की सभी शक्तियां भी दे दी हैं।


पूर्व रेलवे भी करेगा पालन
पूर्व रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी विनोद शर्मा ने बताया कि नए रेल बजट के बाद जो भी दिशा-निर्देश मंत्रालय के होंगे, उसका पूर्णतया पालन पूर्व रेलवे की ओर से भी किया जाएगा। शर्मा ने कहा कि पूर्व रेलवे की ओर से हर दिन-हर पल बेहतर यात्री सुविधाएं, सुरक्षा, साफ-सफाई को बेहतर करने और समयबद्धता पर जोर दिया जाता है।

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