Kolkata's centuries old Rajbari Durga Pooja: कोलकाता के सदियों पुराने राजबाड़िय़ों के पूजा पंडाल में नहीं हो रही दर्शकों की भीड़

अन्य सालों की तरह दुर्गा पूजा पंडाल देखने वालों की भीड़ होने पर व्यापक पैमाने पर कोरोना संक्रमण फैलने की शंका जताई जाने के बाद इस साल अधिक दर्शक घर से बाहर ही नहीं निकले। यहां तक कि कई सदी से कोलकाता के राजबाड़ियों में हो रही दुर्गा पूजा पंडाल भी देखने नहीं जा रहे हैं।

By: Manoj Singh

Published: 25 Oct 2020, 07:53 PM IST

एक बार में 25 से अधिक लोगों के प्रवेश पर रोक, संक्रमण फैलने से रोकने के लिए किए गए है उपाय
कोलकाता
अन्य सालों की तरह दुर्गा पूजा पंडाल देखने वालों की भीड़ होने पर व्यापक पैमाने पर कोरोना संक्रमण फैलने की शंका जताई जाने के बाद इस साल अधिक दर्शक घर से बाहर ही नहीं निकले। यहां तक कि कई सदी से कोलकाता के राजबाड़ियों में हो रही दुर्गा पूजा पंडाल भी देखने नहीं जा रहे हैं।

हर साल दुर्गा महोत्सव के दौरान हजारों की संख्या में दर्शकों को आकर्षित करने वाली 263 साल पुरानी शोभा बाजार राजबाड़ी दुर्गा पूजा में इस साल कोविड-19 महामारी के कारण आगंतुकों की भीड़ कम हो रही है। इस पूजा की शुरूआत राजा नवकृष्ण देब ने 1757 में इसकी शुरुआत की थी। इस पूजा को शोभा बाजार बड़ोे राजबाड़ी के तौर पर भी जाना जाता है।
नवकृष्ण के दत्तक पुत्र गोपी मोहन के वंशज सुमित नारायण देब ने कहा कि इससे पहले हर साल यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते थे लेकिन इस बार हालात अलग हैं। महामारी के मद्देनजर एक बार में सिर्फ 25 लोगों को ही परिसर में प्रवेश की इजाजत दी जा रही है। इसकी जानकारी होने के कारण लोग भी बहुत ही कम आ रहे हैं।
इस राजबाड़ी के पूजा पंडाल में इस महामारी के फैलाव को रोक थाम के लिए कई स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय अपनाए हैं। नवकृष्ण के दत्तक पुत्र गोपी मोहन के वंशज सुमित नारायण देब ने कहा कि हमने आंगन में प्रवेश से पहले सेनेटाइजर सुरंग स्थापित की है और एक बार में सिर्फ 25 लोगों को प्रवेश की इजाजत दी जा रही है। हमने तापमान जांच की भी व्यवस्था की है और मास्क पहनना अनिवार्य किया है।
शोभा बाजार राजबाड़ी के दूसरी तरफ ‘छोटा राजबाड़ी’ है जिसका निर्माण भी नवकृष्ण ने बाद में अपने बेटे राजकृष्ण का जन्म होने के बाद करवाया था। वहां भी उनके वंशजों की ओर से 231 वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। शोभा बाजार छोटो राजबाड़ी पूजा के प्रभारी आलोक कृष्ण देब ने बताया कि महामारी की वजह से दर्शकों के प्रवेश पर पाबंदी है और सिर्फ परिवार के करीबी लोगों को ही इजाजत दी जा रही है।
कोलकाता के अन्य प्रमुख राजबाड़ियों के पूजा मंडपों में से एक “बोनेदी बाड़िर” है। जानबाजार में रानी रसमणि के घर पर 200 साल से भी ज्यादा समय से दुर्गा पूजा मनाई जाती है, लेकिन इस बार यहां भी परिसर में दर्शकों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। परिवार के सदस्य प्रसून हाजरा ने कहा कि आंगन में जहां माता का दरबार सजा है हम वहां दर्शकों को तो छोड़िये दूर के रिश्तेदारों और पारिवारिक मित्रों को भी आने नहीं दे सकते। सिर्फ करीबी रिश्तेदारों को ही इजाजत दी जा रही है।” उन्होंने कहा कि सिर्फ पुजारी और उनके सहायकों को ही प्रतिमा के करीब जाने की इजाजत है।

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Manoj Singh Reporting
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