साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने की इजाजत नहीं

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिखाए कड़े तेवर

By: Rajendra Vyas

Published: 12 May 2020, 10:49 PM IST

कोलकाता.पश्चिम बंगाल में राशन भ्रष्टाचार, कोरोना के तथ्यों को छिपाने, प्रवासी श्रमिकों की वापसी में टालमटोल तथा लॉकडाउन के दौरान किसी खास सम्प्रदाय को पूरी छूट देने जैसे विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और वाममोर्चा पर निशाना साधते हुए कहा कि फिलहाल देश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल भी वैश्विक महामारी कोरोना का कहर झेल रहा है। ऐसे समय में राजनीति नहीं होनी चाहिए। यदि कुछ लोग सोचते हैं कि कोरोना के दौरान वे राज्य में साम्प्रदायिक तनाव पैदा करेंगे तो उनकी सरकार ऐसा होने नहीं देगी। उन्होंने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बातचीत में भी अपना रूख स्पष्ट किया था। राज्य सचिवालय नवान्न में मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मलेन में ममता ने कहा कि ये वक्त राजनीति करने का नहीं है। ममता ने अपने विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मेरे साथ राजनीतिक रूप से लडऩे के लिए पर्याप्त समय है, थोड़ा धैर्य रखिए, चुनाव अभी भी दूर है।
केंद्र पर 52 हजार करोड़ बकाया
ममता ने कहा कि जब हम पीएम के साथ मीटिंग करते हैं तो हमें उम्मीद रहती है कि कुछ मिलेगा, लेकिन हमें हमेशा निराशा हाथ लगती है। केंद्र के समक्ष से हमें खाली थाली लेकर लौटना पड़ता है। जबकि केंद्र पर बंगाल सरकार का 52,000 करोड़ रुपया बकाया है। लॉकडाउन के कारण गत 2 महीने से राज्य सरकार की आमदनी एकदम बंद है। ऐसी परिस्थिति में भी राज्य सरकार को 45,000 करोड़ रुपए बतौर ब्याज चुकाना पड़ता है। लोग परेशानी में हैं। उनके पास गुजर-बसर करने के लिए पैसे नहीं हैं। हमें असंगठित क्षेत्र के लोगों का जीवन-जीविका की रक्षा हर हाल में करना है।

Rajendra Vyas Editorial Incharge
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