West Bengal : 12वीं की टॉपर‌ के मजहम मामले में उच्च शिक्षा परिषद अध्यक्ष को नोटिस

पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक (12वीं) में 500 में से 499 अंक हासिल कर टॉपर बनी मुर्शिदाबाद की कांदी राजा मनिंद्र चंद्र गर्ल्स हाई स्कूल की छात्रा रुमाना सुल्ताना के लेकर बवाल मचा हुआ है। भाजपा और बंगाल इमाम एसोसिएशन ने राज्य शिक्षा विभाग की ओर से रूमाना के टॉपर होने की घोषणा करते हुए उनके मजहब का उल्लेख करने का कड़ी निंदा की है। इमाम एसोसिएशन ने उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष महुआ दास के इस्तीफे की मांग की है।

By: Manoj Singh

Published: 24 Jul 2021, 01:27 PM IST

भाजपा ने की कड़ी निंदा, इमाम एसोसिएसन ने किया महुआ दास को हटाने की मांग

कोलकाता
पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक (12वीं) में 500 में से 499 अंक हासिल कर टॉपर बनी मुर्शिदाबाद की कांदी राजा मनिंद्र चंद्र गर्ल्स हाई स्कूल की छात्रा रुमाना सुल्ताना के लेकर बवाल मचा हुआ है। भाजपा और बंगाल इमाम एसोसिएशन ने राज्य शिक्षा विभाग की ओर से रूमाना के टॉपर होने की घोषणा करते हुए उनके मजहब का उल्लेख करने का कड़ी निंदा की है। इमाम एसोसिएशन ने उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष महुआ दास के इस्तीफे की मांग की है।
दूसरी ओर राज्य सरकार ने शुक्रवार शाम को उच्च शिक्षा परिषद की अध्यक्ष महुआ दास को कारण बताओं नोटिस दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है। महुआ दास से यह बताने के लिए कहा गया है कि उन्होंने रुमाना के धर्म का उल्लेख क्यों किया।
सुल्ताना का ही नहीं पूरे संप्रदाय का अपमान- शमिक भट्टाचार्य
प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि धर्म बताकर मेधा के बारे में बताना सिर्फ रुमाना का ही नहीं, बल्कि एक पूरे संप्रदाय का अपमान है। उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष ने यह क्या सरकार के कहने पर कहा है। शिक्षा मंत्री को इसे स्पष्ट करना चाहिए। भाजपा की आदिवासी विधायक मालती रावा ने कहा है कि आज तक शिक्षा विभाग के इतिहास में कभी किसी टॉपर छात्र-छात्राओं के मजहब का उल्लेख नहीं किया गया। लेकिन ममता बनर्जी की तुष्टिकरण की राजनीति ने शिक्षा को भी कलंकित कर दिया। पार्टी के उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने कहा है कि किसी भी तरह से मुस्लिमों को खुश करना ममता बनर्जी का धर्म बन गया है और वे इसके लिए राजनीति की हर सीमा लांघ रही है।
बंगाल इमाम एसोसिएशंस ने की हटाने की मांग
बंगाल इमाम एसोसिएशंस के अध्यक्ष मोहम्मद याहिया ने बयान जारी कर कहा है कि उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष ने जिस तरह से राज्य की टॉपर छात्रा का परिचय दिया है वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और कष्टदायक है। जिस तरह से एक प्रतिभावान छात्रा का परिचय उसके धर्म को सामने रख कर दिया गया है। इसके बाद उन्हें पद पर रहने का अधिकार नहीं है। प्रतिभा की पहचान धर्म से नहीं होती है। उन्हें तत्काल ही उन्हें उनके पद से हटा देना चाहिए।
भावना में बह गई थी

उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष महुआ दास ने सफाई देते हुए कहा कि रुहाना के धर्म का उल्लेख करने के पीछे उनका कोई गलत मंशा नहीं था। वे एक लड़की के मेधा के बारे में जान कर वे भावुक हो गई थी और उन्होंने उसके धर्म का उल्लेख कर दिया।
सरकरा और तृणमूल में मतभेद
इस मामले को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु और तृणमूल कांग्रेस के बयान में मतभेद उभरकर सामने आया। ब्रात्य बसु ने बीच बचाव करते हुए कहा कि उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष ने एक लड़की मेधा को देखकर भावना में बहकर उसके धर्म का जिक्र कर दिया। लेकिन तृणमूल विधायक तापस रॉय ने कहा कि छात्रा का धर्म बताकर परिचय करना गल हुआ है। ऐसा नहीं होना चाहिए था।
इसे इतना तूल देने की जरूरत नहीं
रूहाना सुल्ताना ने कहा कि वह खुद का परिचय एक छात्रा के रूप में देना पसंद करेंगी। लेकिन इसके लिए वे अपने उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष के खिलाफ कुछ भी नहीं कहेंगी। इसको लेकर इतना तूल देने की कोई बात नहीं है।
क्या कही थीं परिषद की अध्यक्ष
उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद की अध्यक्ष महुआ दास ने गुरुवार को परीक्षा परिणाम घोषित करते हुए कहा था कि एक मुस्लिम लड़की ने टॉप किया है।

एआईएसए और शिक्षक संगठन ने किया प्रदर्शन
वामपंथी छात्र संगठन एआईएसओ और शिक्षक संगठन 'टीचर्स यूनिटी फोरम' ने शुक्रवार को इसके विरोध में उच्च शिक्षा परिषद के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन दिया और उच्च शिक्षा परिषद की अध्यक्ष के कार्यालय में प्रवेश करते समय नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की गई।
उच्च शिक्षा परिषद न ले धर्मिक परिचय बताने की जिम्मेदारी- अधीर
बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मुस्लिम छात्रा का सर्वोच्च अंक पाना कोई विरल घटना नहीं है। लेकिन जो लोग बार-बार यह कह रहे हैं कि मुस्लिम छात्रा प्रथम आई है, वे इसे लेकर इतने आश्चर्यचकित क्यों है? छात्रा किस धर्म से ताल्लुक रखती है, शिक्षा परिषद यह बताने की जिम्मेदारी न ले तो ज्यादा खुशी होगी। बहुत से लोगों का कहना है कि मुस्लिम छात्र- छात्राएं पहले भी बंगाल में अव्वल हुए हैं , लेकिन तब धर्म से उनका परिचय नहीं दिया जाता था। वे इसे राजनीति से ही जोड़कर देख रहे हैं।

Manoj Singh Reporting
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