जयश्री राम के बाद अब गोली मारो के नारे पर उबला बंगाल

नारों के सहारे चुनाव की वैतरणी पार लगाई जाती है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा (BJP) ने बंगाल (West Bengal) में जयश्रीराम के नारे के सहारे बड़े इलाके का धु्रवीकरण करने में सफलता पाई थी, वहीं अब राज्य में दिल्ली का विवादित नारा देश के गद्दारों को गोली मारो ... को फिजा में गूंज रहा है।

By: Paritosh Dube

Published: 01 Mar 2020, 05:53 PM IST

कोलकाता. राजनीति में नारों को महत्व कौन नहीं जानता। नारे ही वह उद्घोष होते हैं जिनके सहारे मतदाताओं को अपने पाले में लाया जाता है, समर्थकों में उत्साह भरा जाता है। उन्हें अपनी विचारधारा से परिचित कराया जाता है।
बात करें पश्चिम बंगाल की तो वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल में जयश्रीराम के नारे के सहारे भाजपा ने कई नए इलाकों में अपनी पैठ बढ़ाई थी। उसे राज्य की 42 में से 18 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल हुई थी। अब जब लोकसभा चुनाव बीते साल भर होने को हैं, राज्य में वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं व कुछ महीनों में 100 से ज्यादा निकायों के मिनी विधानसभा बताए जा रहे चुनाव सर पर हैं, ऐसे समय में भाजपा समर्थकों की जुबान पर दिल्ली विधानसभा के समय प्रयोग किया गया विवादित नारा चढ़ गया है। इसकी बानगी रविवार को भाजपा नेता व केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की कोलकाता में आयोजित सभा में शामिल होने के लिए आए भाजपा समर्थकों में दिखी। शहीद मीनार मैदान में आयोजित सभा में हिस्सा लेने आए भाजपा समर्थक जगह जगह देश के गद्दारों को गोली मारो --- को, नारे लगाते देखे गए। कट्टर राष्ट्रवादी नारे की गूंज से राज्य का विपक्ष चिंतित दिख रहा है वहीं भाजपा समर्थक इसे समय की मांग बता रहे हैं। रैली में शामिल होने आए सोदपुर के विशाल सिंह कहते हैं कि देशविरोधी शक्तियां देश को तोडऩे के काम लगी हुई हैं, उन्हें विपक्ष का संरक्षण प्राप्त हो रहा है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रवादियों को देश को बचाने के लिए ऐसे नारों की जरूरत होती है। उनके मुताबिक आजादी- आजादी के नारे के मुकाबले गोली मारो...का नारा तैयार हुआ है, आजादी के नारे बंद हो जाएंगे तो गोली मारो.. का नारा भी बंद हो जाएगा।
हालांकि इस नारे को क्रिया की प्रतिक्रिया मानने से इंकार करने वाले भी बहुत से लोग हैं। ऐसे ही वामपंथी समर्थक किशोर सरकार कहते हैं हिंसा की अपील करने वाला कोई भी नारा जायज नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि जब उनसे वामपंथियों की ओर से लगाए जाने वाले भेंगे दाओ गुुडि़ए दाओ यानि तोड़ दो मरोड़ दो जैसे हिंसा के समर्थन करने वाले नारों के बारे में पूछा गया तो कहने लगे कि नारा प्रतीकस्वरूप लगाया जाता है।

मैदान में शाह, बाहर चल रही थी शाह के खिलाफ नारेबाजी
शहीद मीनार मैदान में शाह की रविवार को सभा थी वहीं आसपास के कई इलाकों में वाममोर्चे और कांग्रेस के कार्यकर्ता अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारी नागरिकता अधिनियम को वापस लेने, बंगाल में एनआरसी और एनपीआर किसी भी सूरत में नहीं लागू करने की मांग वाले पोस्टरों से लैस थे। जैसे ही वहां से भाजपा समर्थकों की रैली गुजरी, उसमें शामिल कार्यकर्ताओं ने गद्दारों को गोली मारने के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालात तनावपूर्ण थे लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षों को एक दूसरे से दूर करने के लिए बैरीकेड लगा रहे थे। तनाव टल गया।

विपक्ष ने की निंदा

कांग्रेस विधायक मनोज चक्रवर्ती ने कहा कि कोलकाता में गोली मारो जैसे नारे लगाए जा रहे हैं। भाजपा देश का भट्टा बैठाने में लगी हुई है। समझ में नहीं आता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा की सभा को अनुमति क्यों दी। वाम विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि दिल्ली हिंसा की आग अभी ठंडी नहीं पड़ी है। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के सौजन्य से अमित शाह कोलकाता आए, यहां भडक़ाऊ नारेबाजी हुई। ऐसे नारे लगाने वालों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

Amit Shah BJP
Show More
Paritosh Dube Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned