Bengal: राज्य का आर्थिक सलाहकार बनने की राह पर

. प्रख्यात अर्थशास्त्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमित मित्रा पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे सकते हैं और यहां तक कि खराब स्वास्थ्य के कारण सक्रिय राजनीति से संन्यास भी ले सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक भले ही मित्रा वित्त मंत्री पद छोड़ दें लेकिन राज्य सरकार उनके दस वर्ष के इस पद के अनुभव का लाभ उठाएगी। उन्हें राज्य का आर्थिक सलाहकार बनाया जा सकता है।

By: Rabindra Rai

Published: 12 Jul 2021, 12:17 AM IST

स्वास्थ्य संबंधी कारण से दो बार से नहीं पढ़ा बजट भाषण
कोलकाता. प्रख्यात अर्थशास्त्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमित मित्रा पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे सकते हैं और यहां तक कि खराब स्वास्थ्य के कारण सक्रिय राजनीति से संन्यास भी ले सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक भले ही मित्रा वित्त मंत्री पद छोड़ दें लेकिन राज्य सरकार उनके दस वर्ष के इस पद के अनुभव का लाभ उठाएगी। उन्हें राज्य का आर्थिक सलाहकार बनाया जा सकता है। मित्रा 2011 से राज्य के वित्त मंत्री हैं, जब टीएमसी वाम मोर्चे के 34 साल लंबे शासन को खत्म करने के बाद सत्ता में आई थी। मित्रा (73) ने इस साल विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था।
तृणमूल कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार मित्रा ने अपना पद छोडऩे की इच्छा व्यक्त की है। इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से चर्चा भी हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्होंने चुनाव नहीं लडऩे की बात कही थी। इसलिए अपनी पारंपरिक सीट खड़दह या किसी सीट से वे इस बार चुनाव के मैदान में नहीं उतरे। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के जोर देने पर मित्रा ने इस साल मई में तीसरी बार पार्टी के सत्ता में लौटने के बाद राज्य के वित्त मंत्री का प्रभार संभाल लिया पर पिछले हफ्ते राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने बजट पेश किया था।
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अगले वित्त मंत्री की तलाश
नियमों के मुताबिक मित्रा को इसी साल नवम्बर से पहले विधानसभा का सदस्य बनना अनिवार्य है। वे पहले ही चुनाव लडऩे से इंकार कर चुके हैं इसलिए माना जा रहा है कि वे नवम्बर तक तो वित्त मंत्री बने रहेंगे उसके बाद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। ऐसी स्थिति में राज्य का अगला वित्त मंत्री कौन होगा इस पर भी कयास लगने शुरू हो गए हैं। बताया जाता है कि तृणमूल कांग्रेस के नीति निर्धारक जल्द ही इस मामले पर बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री ने नए योग्य वित्त मंत्री की तलाश शुरू कर दी है।
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लागू की जनकल्याण योजनाएं
पश्चिम बंगाल में 2011 में पार्टी के सत्ता में आने के बाद मित्रा को ममता मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया और उन्हें कर्ज के बोझ से दबे राज्य के वित्त विभाग का प्रभार दिया गया। उन्होंने आय बढ़ाकर सरकार की ओर से घोषित जनकल्याण योजनाओं को सफलतापूर्क लागू किया। केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी लागू करने में भी डॉ. मित्रा की बहुत बड़ी भूमिका रही। भारतीय उद्योग एवं वाणिज्य महासंघ (फिक्की) के पूर्व महासचिव मित्रा 2009 से ममता बनर्जी की फैसला लेने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सिर्फ दो मंत्रियों का विभाग नहीं बदला। एक अमित मित्रा का और दूसरा राज्य के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी का।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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