बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान योजना के लाभ से वंचित: मोदी

- राजनीतिक कारणों से योजना लागू नहीं कर रही तृणमूल सरकार
- राज्य में इसे लेकर आंदोलन नहीं होने पर जताई हैरानी

By: Rajendra Vyas

Published: 26 Dec 2020, 10:31 PM IST

कोलकाता. नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) के लाभ से पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसानों को वंचित रखने को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से वह ऐसा कर रही हैं। पीएम-किसान के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ की अगली किस्त जारी करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान इस बात पर हैरानी जाहिर की कि जहां तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं वहीं पश्चिम बंगाल में इस योजना को लागू नहीं किए जाने पर वहां कोई आंदोलन नहीं हो रहा है।
इस योजना के तहत हर साल तीन किस्तों में किसानों के खातों में 6 हजार रुपए भेजे जाते हैं। 2,000 रुपए की राशि तीन किस्तों में भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। सभी विचारधारा की सरकारें, इससे जुड़ी हैं लेकिन लेकिन एकमात्र पश्चिम बंगाल है जहां के 70 लाख से अधिक किसान इस योजना के लाभ नहीं ले पा रहे हैं। , क्योंकि बंगाल सरकार अपने राजनीतिक कारणों से इसे लागू नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों को भारत सरकार से पैसा जाने वाला है और इसमें राज्य सरकार का कोई खर्चा नहीं है फिर भी उन्हें इस लाभ से वंचित रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई किसानों ने भारत सरकार को इसके लाभ के लिए सीधी चि_ी भी लिखी है लेकिन राज्य सरकार उसमें भी रोड़े अटका रही है।
वामपंथी दलों पर साधा निशाना
मोदी ने वामपंथी दलों पर निशाना साधते हुए उनसे सवाल किया कि वे क्यों नहीं इस मुद्दे पर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपके दिल में किसानों के लिए इतना प्यार था तो बंगाल आपकी धरती है, बंगाल में किसानों को न्याय दिलाने के लिए, पीएम-किसान के पैसे किसानों को मिले, इसके लिए क्यों आंदोलन नहीं किया? क्यों आपने आवाज नहीं उठाई? और आप वहां से उठकर पंजाब पहुंच गए।
बंगाल को बर्बाद करने का आरोप
उन्होंने विपक्षी दलों पर बंगाल को बर्बाद करने का आरोप लगाया ओर कहा कि बड़ी पीड़ा के साथ कहना चाहता हूं। जिन लोगों ने 30 सालों तक बंगाल में राज किया, उन्होंने बंगाल की क्या हालत कर रखी है, यह सारा देश जानता है। ममता बनर्जी के 15 साल पुराने भाषण सुनेंगे तो पता चलेगा कि इस विचारधारा वालों ने बंगाल का क्या हाल कर रखा था। उन्होंने कहा कि स्वार्थ की राजनीति करने वालों को जनता बहुत बारीकी से देख रही है। जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते वो देश की अर्थनीति को बर्बाद करने में लगे हुए हैं।
प्रत्येक किसान को अब तक 14 हजार का नुकसान
भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्विटर पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के करीब 72 लाख किसानों में से करीब 23 लाख ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत लाभ पाने के लिए खुद केंद्रीय पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, लेकिन सरकार उन्हें सत्यापित नहीं करेगी। राज्य के प्रत्येक किसान को अब तक 14 हजार रुपए का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसान लाभ से वंचित हैं, क्योंकि सरकार ने उनकी पहचान करने और लाभार्थियों की सूची केंद्र को सौंपने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के जल संपन्न राज्य होने के बाद भी सिंचाई की स्थिति खराब है
मोदी पर तृणमूल का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस ने मोदी पर पलटवार किया। पार्टी सांसद सौगत रॉय ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा बार-बार कह रही है कि राज्य के किसानों को इस योजना के तहत मिलने वाले नकदी लाभों से वंचित किया जा रहा है। यह सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की मंशा राजनीतिक लाभ उठाने की है। सरकार ने संसद में कृषि कानूनों को पारित कराने के लिए संख्या बल का इस्तेमाल किया। उसने आलू और प्याज को भी आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटा दिया। उन्होंने कहा कि इससे बाजार में आलू और प्याज के दाम बढ़ रहे हैं, जिन्हें संभालना राज्य सरकार के लिए मुश्किल हो रहा है। रॉय ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी कृषक बंधु योजना के तहत राज्य के किसानों को 2,642 करोड़ रुपए दिए हैं और कृषि क्षेत्र में बजटीय आवंटन पांच गुना बढ़ा है।

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