scriptPlea for investment in the undeclared capital of Rajasthan | राजस्थान की अघोषित राजधानी में निवेश की मनुहार | Patrika News

राजस्थान की अघोषित राजधानी में निवेश की मनुहार

कोलकाता को राजस्थान की अघोषित राजधानी बताते हुए राजस्थान से आए मंत्री, अधिकारियों और उद्योगपतियों ने यहां के उद्योगपतियों से राजस्थान में निवेश करने की मनुहार की। मौका था राजस्थान सरकार की ओर से कोलकाता में निवेशकों से जुड़ाव के लिए आयोजित कार्यक्रम का।

कोलकाता

Published: December 23, 2021 12:31:21 am

इन्वेस्ट राजस्थान का न्योता देने आया दल
उद्योगपतियों के लिए सुविधाओं के द्वार खोले
कोलकाता. कोलकाता को राजस्थान की अघोषित राजधानी बताते हुए राजस्थान से आए मंत्री, अधिकारियों और उद्योगपतियों ने यहां के उद्योगपतियों से राजस्थान में निवेश करने की मनुहार की। मौका था राजस्थान सरकार की ओर से कोलकाता में निवेशकों से जुड़ाव के लिए आयोजित कार्यक्रम का। समारोह में राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, राजस्थान फाउंडेशन के कमिश्नर धीरज श्रीवास्तव, उद्योगपति सीताराम अग्रवाल, सुरेश कुमार पोद्दार और राजस्थान फाउंडेशन के प्रमुख तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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निवेश लाभदायी होगा:धारीवाल
मंत्री धारीवाल ने कहा कि वे कोलकाता के उद्योगपतियों और निवेशकों को जयपुर में 24-25 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम इन्वेस्ट राजस्थान का न्योता देने आए हैं। वे निवेशकों को भरोसा दिलाते हैं कि राजस्थान में उनका निवेश लाभदायी होगा। राज्य सरकार सुधारवादी, सहयोगी और सकारात्मक तरीके से राज्य को देश का एक नंबर राज्य बनाने के अभियान में लगी हुई है।
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मारवाड़ी कनेक्ट के जरिए आमंत्रण
राजस्थान से आए प्रतिनिधिमंडल में शामिल धीरज श्रीवास्तव ने प्रवासी राजस्थानियों को साधने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी में कोलकाता आए राजस्थानियों ने यहां व्यापार जमाया। जहां से वे देशभर में फैले। ट्रेडिंग के जरिए अपने हुनर की धाक जमाई। बासा (भोजनालय) संस्कृति के जरिए अपनी जड़ों पर कायम रहे। कैशलेस हुंडी सिस्टम के जरिए अर्थव्यवस्था को गति दी। उन्होंने कहा कि कुछ दशकों में राजस्थान तेजी से बदला है। उसने अपनी कमजोरियों को अवसरों में परिवर्तित किया है। फाउंडेशन के जरिए 52 देशों के 68 राजस्थानी प्रवासियों के संगठन से संपर्क बनाया गया है। वैश्विक मंचों पर राजस्थान के प्रवासी राज्य के विकास के लिए निवेश के समझौते कर रहे हैं। जिनका आंकड़ा 45 हजार करोड़ तक पहुंच गया है।
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जैसे गुजरात की राजधानी मुम्बई थी वैसे हमारी कोलकाता
प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजाखेडा विधायक रोहित बोरा ने कोलकाता और राजस्थान के जुड़ाव पर रोचक बातेें कहीं। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले तक यह कहा जाता था कि गुजरात की राजधानी तो मुम्बई में है वहीं राजस्थान की राजधानी कोलकाता। उन्होंने कोलकाता के व्यवसायियों से कहा कि यह शहर हमारा है और आप राजस्थान के हो। उन्होंने दावा किया कि राज्य में इंस्पेक्टर राज खत्म हो गया है। वहां के राजनेताओं और प्रशासकों की सोच भी बदली है। पहले उद्योगपतियों और व्यवसायियों को कर चोरी करने वाला समझा जाता था। अब उन्हें सम्मान दिया जाता है। ऐसा उनके निवेश से पैदा हो रहे रोजगार के कारण ही हो रहा है।
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सहूलियतें गिनाईं, नीतियों की जानकारी दी
इससे पहले भिवाड़ी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ आर सिंह तोमर ने राज्य सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों, निवेश अनुकूल वातावरण, उपलब्ध अधोसरंचना, योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। राज्य को पॉवर सरप्लस स्टेट बताया, दिल्ली मुंबई कॉरिडोर के 40 फीसदी हिस्सा राजस्थान से गुजरने की जानकारी दी। राज्य में सस्ते और कुशल श्रमिकों की मौजूदगी का दावा किया। जयपुर को आईटी नगरी गुडग़ांव के विकल्प के तौर पर तैयार करने के प्रयासों की जानकारी दी।
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दिग्गज मौजूद रहे
कार्यक्रम में स्वागत भाषण सीआईआई पश्चिम बंगाल के वाइस चेयरमैन सुभाषेन्दु चटर्जी ने दिया। सत्र का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन सीआईआई राजस्थान के चेयरमैन संजय साबू ने किया। समारोह में
राजस्थान फाउंडेशन के अमित सिंघल,, सीआईआई के एसएसएन कौल, विश्वम्भर नेवर, बीएल दुगड़, पवन पहाडिय़ा, राकेश नाहर ,संजय झुनझुनवाला, इमामी ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट अशोक डालमिया, एसके बजाज, नारायण जैन आदि मौजूद थे। इस दौरान कोई भी एमओयू साइन नहीं किया गया।
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असम में पैसा था पर सम्मान राजस्थान में मिला: सीताराम
कोलकाता. इन्वेस्ट राजस्थान का न्योता देने कोलकाता आए प्रतिनिधिमंडल में शामिल रिको के स्वंतत्र निदेशक व मंगला इस्पात के एमडी सीताराम अग्रवाल ने कहा कि उनका व्यवसाय असम में था। व्यवसाय भी अच्छा चल रहा था। पैसा तो असम में था, लेकिन सम्मान राजस्थान में मिला।
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शेखावत ने आमंत्रण दिया
उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व कोलकाता में आयोजित निवेश आमंत्रण कार्यक्रम में शामिल हुआ था। जिसमें दिवंगत मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत ने राजस्थान में निवेश का आमंत्रण दिया। वे राजस्थान पहुंचे। निवेश किया। कुछ सालों में ही उनकी मंगला इस्पात का वार्षिक टर्नओवर 15 सौ करोड़ रुपए का हो गया है। वे तीन हजार लोगों को रोजगार दे रहे हैं।
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एक नंबर बन सकता है राजस्थान: पोद्दार
राजस्थान से आए उद्योगपति सुरेश कुमार पोद्दार ने कहा कि राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में देश भर में पहला स्थान प्राप्त करने के अवसर हैं। जमीन की कोई समस्या नहीं है। विद्युत की अबाध आपूर्ति होती है। दक्ष और सस्ते श्रमिकों की सहज उपलब्धता है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि वे संकल्प लें कि राजस्थान को देश का एक नंबर राज्य बनाएंगे।
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