scriptPolitics heated up from Delhi to Bengal in Mahua case | महुआ मामले में दिल्ली से बंगाल तक की राजनीति गरमाई | Patrika News

महुआ मामले में दिल्ली से बंगाल तक की राजनीति गरमाई

locationकोलकाताPublished: Dec 09, 2023 04:20:22 pm

Submitted by:

Rabindra Rai

पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित करने के फैसले को लेकर नई दिल्ली से पश्चिम बंगाल तक की राजनीति गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस ने फैसले की निंदा की है। पार्टी का कहना है कि महुआ को अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया।

महुआ मामले में दिल्ली से बंगाल तक की राजनीति गरमाई
महुआ मामले में दिल्ली से बंगाल तक की राजनीति गरमाई
तृणमूल ने की निष्कासित करने के फैसले की निंदा
ममता बोलीं, संसदीय लोकतंत्र के साथ विश्वासघात
पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित करने के फैसले को लेकर नई दिल्ली से पश्चिम बंगाल तक की राजनीति गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस ने फैसले की निंदा की है। पार्टी का कहना है कि महुआ को अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया। दूसरी तरफ भाजपा का दावा है कि आरोपी कभी भी लोकसभा में अपना पक्ष नहीं रख सकता है, अगर उसे अपना पक्ष रखना है तो एथिक्स कमेटी के सामने रखना चाहिए था। दूसरी तरफ कानून के जानकारों का कहना है कि महुआ चाहे तो फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए संसद से अनुरोध कर सकती हैं। वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती हैं।
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पार्टी महुआ के साथ खड़ी है: तृणमूल प्रमुख
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सदस्यता रद्द करने के कदम को देश के संसदीय लोकतंत्र के साथ विश्वासघात करार दिया। उन्होंने कहा कि यह संसदीय लोकतंत्र के लिए शर्म की बात है। जिस तरह से महुआ मोइत्रा को निष्कासित किया गया, उसकी हम निंदा करते हैं, पार्टी उनके साथ खड़ी है। भाजपा हमें चुनाव में नहीं हरा सकती, इसलिए पार्टी ने बदले की राजनीति का सहारा लिया है। यह दुखद दिन है और भारतीय संसदीय लोकतंत्र के साथ विश्वासघात है। टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मोइत्रा को अपना पक्ष रखने की भी अनुमति नहीं दी। महुआ बड़े जनादेश के साथ संसद में लौटेंगी। भाजपा सोचती है कि पार्टी जो चाहे कर सकती है, क्योंकि उसके पास प्रचंड बहुमत है। पार्टी को यह ध्यान रखना चाहिए कि एक दिन ऐसा भी आ सकता है, जब वो सत्ता में नहीं रहेगी।
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सुदीप ने मांगी पक्ष रखने की अनुमति
सांसद महुआ मोइत्रा पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट को लेकर जैसे ही लोकसभा में रिपोर्ट पर चर्चा हुई तृणमूल सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने अनुरोध किया कि महुआ मोइत्रा को सदन के समक्ष अपना पक्ष रखने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि मैं प्रस्ताव रखता हूं, मेरी पार्टी की प्रवक्ता खुद महुआ मोइत्रा होंगी क्योंकि आरोप उनके खिलाफ हैं। अनर्गल आरोप लगाए गए हैं, चाहे यह सच हो या गलत, इसे उन्हें बोलने दीजिए।
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महुआ को देना चाहिए था जवाब: सुकांत
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि आरोपी कभी भी लोकसभा में अपना पक्ष नहीं रख सकता है, अगर उसे अपना पक्ष रखना है तो एथिक्स कमेटी के सामने रखना चाहिए था। कमेटी के सामने महुआ मोइत्रा को बुलाया गया था। उन्होंने कुछ समय तक अपना पक्ष रखा। बाद में जब उन्हें सवालों का जवाब देना था तो वे जवाब नहीं दे पाईं और भागकर चली आईं। अगर आपको कोई जवाब देना था तो कमेटी के सामने देना चाहिए था। पहले महुआ मोइत्रा तय कर लें कि वे किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी। ममता बनर्जी की या सोनिया गांधी की पार्टी से। महुआ मोइत्रा ने एक तो चोरी की है, उस पर से वे सीनाजोरी कर रही हैं।
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यह एक गंभीर मामला: केंद्रीय मंत्री सुभाष
केंद्रीय मंत्री सुभाष सरकार ने कहा कि एक दिन में महुआ मोइत्रा का पोर्टल दुनिया की 4 जगहों दिल्ली, बेंगलुरू और देश के बाहर दुबई और अमरीका से खुलता है और किसके लिए? एक कॉर्पोरेट हाउस और एक व्यापारी के लिए। यह एक गंभीर मामला है।
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बदले की भावना से किया: अधीर
महुआ मोइत्रा के तृणमूल सांसद पद से निष्कासन पर कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह आधारहीन तथ्यों के आधार पर और बदले की भावना से किया गया है।
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2024 में फिर चुनाव लड़ेंगी महुआ: पांजा
महुआ मोइत्रा के निष्कासन पर राज्य की मंत्री डॉ. शशि पांजा ने कहा कि एक महिला का सत्ता में होना ऐसी चीज है जिसे भाजपा बर्दाश्त नहीं कर सकती है। भाजपा ने कैसे सोचा कि यह निष्कासन महुआ मोइत्रा को चुप कराने के लिए काफी है? वे 2024 में फिर चुनाव लड़ेंगी।
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कहने का मौका दिया जाना चाहिए: नुसरत जहां
तृणमूल सांसद नुसरत जहां ने कहा कि क्या यह मामला वास्तव में निष्पक्ष रूप से संचालित किया गया है? यह हमें नहीं पता, क्योंकि महिलाओं के मामले में यह सरकार वास्तव में निष्पक्ष नहीं रही है। हमने रिपोर्ट की हार्ड कॉपी मांगी है। हमारे नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने इसके लिए कहा है। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद हम एक निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं और जब चर्चा होगी तब हम सभी ने अनुरोध किया है कि महुआ को खुद के लिए बोलने का मौका दिया जाना चाहिए और वे जो भी महसूस करती है उसे कहने का मौका दिया जाना चाहिए क्योंकि वे इस मामले में सबसे अधिक प्रभावित है।
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महुआ के पास तीन विकल्प
कानून के जानकारों के मुताबिक महुआ के पास तीन विकल्प नजर आ रहे हैं। महुआ चाहे तो फैसले की समीक्षा व पुनर्विचार करने के लिए संसद से अनुरोध कर सकती हैं। उनका पास सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प है। वे मौलिक अधिकारों और प्राकृतिक न्याय का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल सकती हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव 2024 में फिर से वे टीएमसी की ओर से चुनाव लड़ सकती हैं।

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