इस्कॉन मुख्यालय में पुजारी सेवा फ्लोर शुरू

 

- 20 विशाल कमरें होंगे देवताओं के लिए सेवा कार्य के लिए सम्पित्त


मायापुर . पश्चिम बंगाल के मायापुर में इस्कॉन मंदिर में बन रहे विशाल मंदिर में पुजारी सेवा कार्य शुरू हुआ। भव्य पूजा के आयोजन के साथ ही पूजारी सेवा फ्लोर को आरम्भ कर दिया गया है। इसके साथ ही विशाल मंदिर में प्रवेश का यह पहला कदम है। आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि यह पुजारी सेवा सुविधा २.५ एकड़ जमीन पर उपलब्ध है जिसमें २० विशेष रूप से डिजाइन किए गए कमरे हैं। अब तक भगवान के सभी कार्य अलग-अलग स्थानों पर किए जाते थे। आज से यह नए मंदिर के पहले तल पर होगा। यहां प्रसाद, केक, मिठाइयां बनाने के साथ ही भगवान के कपड़े व गहने भी तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही विश्व के पुजारियों की ट्रेनिंग भी यहीं दी जाएगी। २०२२ में वैदिक तारामंडल का उद्घाटन किया जाएगा।

इस्कॉन मुख्यालय में पुजारी सेवा फ्लोर शुरू

मालूम हो कि २००९ से निर्माण कार्य शुरू किया गया है। यह आधुनिक इतिहास में निर्मित भारत का सबसे बड़ा वैदिक मंदिर माना जा रहा है। मंदिर में एक धार्मिक संरचना पर सबसे ऊंचे और चौड़े गुंबदों में से एक है और इसमें चार लाख फीट का एक चौकोर हॉल है जहां एक ही समय पर दस हजार भक्त खड़े होकर मंदिर के दर्शन कर सकेंगे। शुरुआत में अमरीकी ऑटो मैग्नेट हेनरी फोर्ड के प्रपौत्र अल्फ्रेड फोर्ड (अंबरीसा दास) की ओर से वित्तपोषित, भक्तों ने परियोजना के लिए अतिरिक्त दान जुटाने में कामयाबी हासिल की है और मार्च २०२२ को भव्य उद्घाटन होने वाला है। यह सबसे महत्वपूर्ण परियोजना में से एक है। यह मंदिर श्रील एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की दृष्टिकोण को दर्शाएगा।

Vanita Jharkhandi Reporting
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