कभी भी टूट सकता है माझेरहाट ब्रिज दो साल पहले से जानती थी बंगाल सरकार

कभी भी टूट सकता है माझेरहाट ब्रिज दो साल पहले से जानती थी बंगाल सरकार

Ashutosh Kumar Singh | Publish: Sep, 07 2018 11:22:51 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

- आईआईटी खडग़पुर के प्रोफेसर ने वर्ष 2016 में ही कर दिया था स्पष्ट


कोलकाता

माझेरहाट ब्रिज हादसे के लिए जिम्मेदार कौन है? ब्रिज के रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी? पश्चिम बंगाल सरकार ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि इसकी जांच की जा रही है। ब्रिज के रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी थी यह तो जांच की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा, लेकिन यह स्पष्ट हो गया कि लोक निर्माण विभाग को ब्रिज के जर्जर हालत के बारे में पिछेल दो सालों से जानकारी थी। लोक निर्माण विभाग को जानकारी थी कि माझेरहाट ब्रिज कभी-कभी भी टूट सकता है। वर्ष 2016 में आईआईटी खडग़पुर के एक प्रोफेसर से माझेरहाट ब्रिज की जांच कराई गई थी। आमतौर पर ब्रिज के बीम और पिलर की जांच (डिफ्लेक्शन टेस्ट) ब्रिज पर बालू से लदा ट्रक खड़ा कर किया जाता है, लेकिन उक्त प्रोफेसर ने ब्रिज की खस्ता हाल देख कर डिफ्लेक्शन टेस्ट करने से इनकार कर दिया था। प्रोफेसर ने साफ शब्दों में कहा था कि ब्रिज की हालत बेहद खराब है। बालू लदा ट्रक खड़ा करने से ब्रिज ढह सकता है। जिसके बाद उन्होंने डाइनेमिक डिफ्लेक्शन टेस्ट किया था। सिर्फ इतना ही नहीं इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से जादवपुर विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर से ब्रिज का सर्वे कराया गया था। इस बावत उन्हें 10 लाख रुपए दिए गए थे। जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने वर्ष 2017 के जनवरी महीने में अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। उक्त रिपोर्ट में भी ब्रिज को जर्जर बताया गया था। प्रोफेसर ने जल्द से जल्द ब्रिज की मरम्मत करने और लगातार निगरानी रखने की जरूरत है।

लगभग 54 साल पुराना माझेरहाट ब्रिज का एक हिस्सा मंगलवार शाम लगभग साढ़े चार बजे अच्ाानक ढह गया था। हादसे में 27 लोग घायल हुए थे। इनमें से तीन की मौत हो गई। बाकी 24 में से 11 जने को अस्पताल छुट्टी दे दी गई। 13 लोगों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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