कोरोना के कारण राखी पर्व का बदला स्वरूप


- बाजार ले लेने के बजाए बहनों ने बनाई खुद ही राखी
- कही जन जागरण के लिए किया राखी का उपयोग

By: Vanita Jharkhandi

Published: 02 Aug 2020, 07:21 PM IST


कोलकाता
राखी भाई के हाथों में बंधने वाला रक्षा सूत्र है। हर साल बहन और भाइयों को इस पर्व का इंतजार रहता है क्योंकि इस पर्व पर भावनाओं के साथ ही भाई-बहन के बीच का पवित्र प्रेम का स्त्रोत है। इस बार कोरोना के कारण इस पर्व की तस्वीर बदल गई है। हर साल बाजारों में सुन्दर से सुन्दर राखी तलाशने वाली बहनों ने खुद ही घर पर ही राखी तैयार की है। राममंदिर के पास में रहने वाली अर्पिता व हर्षिता बहनें हैं जो कि नवीं और आठवीं की छात्रा है। उन्होंने खुद ही अपने भाइयों के लिए राखी घर पर ही तैयार की है। इसके लिए सामान भी घर में रखे हुए चीजों से तैयार किया है। इस बात पर वे खुश है। उनका कहना है कि उनको पता ही नहीं था कि खुद की बनाई राखी भाइयों को पहनाने की खुशी अलग ही होती है। राममंदिर स्थित जालान स्कूल की छात्र सिमरन और रितिका ने भी उन और धागे से राखी तैयार की है। उनका कहना है कि अब हर साल वह राखी खुद ही तैयार भी करेंगी और दूसरी बहनों को भी ऐसा ही करने को प्रेरित करेंगी। अभिभावकों का कहना है कि इन सब इलाकों में कोरोना काफी फैल गया है इसके कारण हमने उनको बाजार जाने से मना किया था। इस पर वे लोग खुद ही राखी तैयार कर रही है।

कोरोना के कारण राखी पर्व का बदला स्वरूप

राखी बनाम जागरूकता
राखी के बहाने लोगों को जागरूक करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मेडिकल बैंक की ओर से राखी पर्व के मौके पर अनोखी राखी तैयार की गई है जिसमें कोरोना से बचाव का संदेश दिया है। मास्क पहनने, हाथ धोने और सामाजिक दूरी को मानने के संदेश दिया है। यह राखी 2 फीट बाई 2फीट है। जिसे सोमवार को शोभाबाजार मेट्रो के सामने देखने को मिलेगी। इसके सचिव डी.आशीष ने बताया कि लोगों को जागरूक करने का इससे अच्छा और मार्ग नहीं होगा।

Vanita Jharkhandi Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned