राजस्थानी छात्रा रिद्धि-सिद्धि ने किया नाम रोशन

डब्ल्यूबीएचएसई परीक्षा में 99.98 व 99.90 फीसदी अंक लाकर दिखाई प्रतिभा----बगैर कोचिंग, ट्यूशन पाई सफलता---पत्रिका से भेंट में कहा--खुद को राजस्थानी होने पर है गर्व

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 29 Mar 2019, 10:26 PM IST

कोलकाता (शिशिर शरण राही). एक ओर जहां अपने मूल निवास स्थान से हजारों किलोमीटर दूर रहकर प्रवासी राजस्थानी कोलकाता सहित बंगाल के विभिन्न स्थानों में मेहनत, ईमानदारी और मधुर व्यवहार से व्यवसाय में शिखर को छू रहे हैं, वहीं बंगभूमि में शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाकर राजस्थानी बिटियाओं ने अपने प्रदेश का नाम रोशन किया। जी हां, मूल रूप से बीकानेर के नोखा निवासी प्रवासी राजस्थानी और कोलकाता में बरसों से निवासरत व्यवसायी नेमीचंद बैद की जुड़वां बेटियों रिद्धि और सिद्धि बैद ने वेस्ट बंगाल काउंसिल ऑफ हाइयर सेकेंडरी एजुकेशन (डब्ल्यूबीएचएसई) की 2018 की परीक्षा में 99.98 व 99.90 फीसदी अंक हासिल कर प्रतिभा का परिचय दिया है। राजस्थान दिवस की पूर्व संध्या पर पत्रिका संवाददाता के साथ खास भेंट में शुक्रवार को दोनों ने इसका श्रेय अपने पिता नेमीचंद और मां जयश्री बैद को दिया। सवालों के जवाब में नेमीचंद ने बताया कि बिना किसी कोचिंग और ट्यूशन के दोनों ने १२वीं परीक्षा में सर्वोच्च अंक हासिल किए। पढ़ाई के साथ ही दोनों घरेलू कार्यों सहित पिता के व्यवसाय में भी सक्रिय रूप से सहयोग करती हैं। श्रीजैन स्कूल, हावड़ा से स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद दोनों फिलहाल सेंट जेवियर्स कॉलेज से बीकॉम की छात्रा हैं। ओल्ड चाइना बाजार के समीप बोनफील्ड लेन स्थित अपने निवास में पत्रिका के साथ बातचीत में रिद्धि और सिद्धि ने बताया कि उनकी इच्छा भविष्य में सीए बनने की है। शुरू से ही स्कूल में अव्वल रही दोनों छात्राओं ने कहा कि उन्हें काफी खुशी है कि ३० मार्च को राजस्थान दिवस हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। उन्हें राजस्थानी होने पर गर्व है।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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