आरएसएस को मिली बंगाल में योग शिविर की अनुमति

पुलिस ने नहीं दी थी इजाजत
-संगठन ने हाईकोर्ट की ली थी शरण
-हावड़ा के उलबेडिय़ा लोकसभा का उपचुनाव 29 को
-शिविर से भाजपा को फायदा मिलने की उम्मीद

By: Krishna Das Parth

Published: 04 Jan 2018, 07:29 PM IST



राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में 7 जनवरी को योग शिविर लगाने की अनुमति मिल गई। यह अनुमति कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को दी। इससे आरएसएस के प्रतिनिधि उत्साहित हैं। मालूम हो कि 29 जनवरी को हावड़ा के उलबेडिय़ा लोकसभा का उपचुनाव है। प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को सभवत: भय है कि इस योग शिविर से आरएसएस जिले के लोगों को अपनी ओर आकर्शित करेगी। जिसका लाभ चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को मिलेगा।

यहां होगा आयोजन

हावड़ा जिले के आन्दुल के राजबाड़ी मैदान में योग शिविर का आयोजन किया जाएगा। गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से अनुमति मिलने पर आरएसएस ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

विवेकानंद के 155वें जयंती पर लगेगा शिविर

स्वामी विवेकानंद के 155वें जयंती के अवसर पर आरएसएस ने 7 जनवरी को आन्दुल राजबाड़ी मैदान में योग शिविर लगाने का निर्णय लिया था। इस सिलसिले में सांकराइल थाने से अनुमति मांगे जाने पर भी प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई थी। तब संगठन ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
इसलिए नहीं दी थी अनुमति

पुलिस प्रशासन का कहना है कि 7 जनवरी को वहां दो राजनीतिक दलों की सभा है। स्थिति को देखते हुए आरएसएस को योग शिविर के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। इस संबंध में बुधवार को अतिरिक्त महाधिवक्ता ने न्यायाधीश देवांशु बसाक की अदालत को दलील दी थी कि उस दिन दो राजनीतिक दलों ने सभा का आयोजन किया है। इसलिए अनुमति नहीं दी गई। क्योंकि इससे स्थानीय लोगों को परेशानी होगी।

आरएसएस कोई राजनीतिक दल नहीं

आरएसएस के अधिवक्ता ने विरोध जताते हुए कहा कि आरएसएस कोई राजनीतिक दल नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश देवांशु बसाक ने आरएसएस को सुबह 11.30 बजे से शाम 4 बजे तक शिविर आयोजित करने की अनुमति दे दी।

योग शिविर के बाद होगी दूसरी सभा

अदालत के निर्देश पर योग शिविर के बाद ही दूसरी सभा होगी। योग शिविर शाम चार बजे तक चलेगा। योग शिविर समाप्त होने पर दूसरी सभा वहां की जा सकती है। आरएसएस के शिविर के दौरान कानून-व्यवस्था पर निगरानी रखने का भार पुलिस पर सौंपा गया है।

Krishna Das Parth Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned