सारधा चिटफंड घोटालाः तृणमूल नेता को अदालत से मिली अंतरिम जमानत

- ईडी ने दाखिल किया था आरोप पत्र, सीबीआइ की विशेष अदालत ने जारी किया था समन

By: Ashutosh Kumar Singh

Published: 10 Sep 2021, 12:17 AM IST

कोलकाता
तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने गुरुवार को सारधा चिटंफंड घोटाला मामले में सीबीआइ की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया। 20 हजार रुपए के निजी मुचलके और जांच में प्रावर्तन निदेशालय (ईडी) को सहयोग करने की शर्त पर अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। पिछले महीने ईडी ने सारधा चिटफंड घोटाले में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र में कुणाल घोष का नाम शामिल था। सीबीआइ की विशेष अदालत ने समन जारी कर उन्हें 20 सितम्बर को हाजिर होने को कहा था। निर्धारित समय से पहले कुणाल घोष ने गुरुवार को आत्मसम्पर्ण कर दिया।
वर्ष 2013 में सारधा चिटफंड घोटाला सामने आने के बाद सीबीआइ ने कुणाल घोष को गिरफ्तार किया था। लम्बे समय तक वे जेल में रहे थे। ईडी ने आरोप पत्र में पेश किया है। ईडी का आरोप है कि कुणाल घोष सारधा समूह से करोड़ो रुपए लिए हैं। सारधा समूह के खाते से उनके खाते में पैसे ट्रांस्फर किए गए थे। जांच एजेन्सी के पास इसका पुख्ता सबूत है।
जमानत पर खुशी जाहिर करते हुए कुणाल घोष ने कहा कि वह अक्टूबर 2013 से इस मामले में ईडी का सहयोग कर रहे हैं। आठ साल बाद जांच एजेंसी ने अचानक मेरे खिलाफ चार्जशीट जारी कर दी है। अदालत ने जमानत दे दी है। जांच में ईडी का सहयोग करेंगे।

Ashutosh Kumar Singh
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