कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में भर गई हैं सीटें--কলেজ এবং বিশ্ববিদ্যালয়গুলিতে আসন পূরণ ....

कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में भर गई हैं सीटें
-दाखिले को लेकर विद्यार्थियों को करना पड़ सकता है भारी परेशानी का सामना

By: Krishna Das Parth

Updated: 30 Sep 2020, 12:40 AM IST

कोलकाता . कॉलेज व विश्वविद्यालयों में दाखिले को लेकर विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। महानगर के अधिकांश कॉलेजों की लगभग सभी सीटें पूरी तरह से भर चुकी हैं। कई मेडिकल परीक्षाओं और राष्ट्रीय स्तर की इंजीनियरिंग परीक्षा का परिणाम घोषित होना अभी भी बाकी है। इसलिए संभावना बन रह रही है कि विद्यार्थी अपनी पसंदीदा विषय की पढ़ाई करने के लिए दूसरे राज्यों का रुख कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ कॉलेज के प्राचार्यों को इस बात की चिंता सता रही है कि अपने पसंदीदा विषय में यदि विद्यार्थियों को राज्य के बाहर किसी अच्छे शिक्षण संस्थान में दाखिला मिल जाता है तो वे राज्य के कॉलेज को छोडक़र भी जा सकते हैं। यदि इस वर्ष कोई विद्यार्थी एक कॉलेज को छोडक़र किसी अन्य कॉलेज का रुख करता है तो राज्य सरकार ने भी नामांकन फीस को पूरा वापस करने का निर्देश जारी कर रखा है। सूत्रों के हवाले से कुछ कॉलेजों से जुड़े आँकड़े सामने आये हैं। जानकारी के अनुसार लेडी ब्रेब्रॉर्न कॉलेज में आर्ट्स फैकल्टी की 336 सीटों में से 250 सीटें भर चुकी है। वहीं साइंस फैकल्टी की 283 सीटों में 250 सीटें भरी हैं। आर्ट्स फैकल्टी की पर्सियन, संस्कृत, फिलोसॉफी और हिन्दी विषयों की कुछ सीटें अभी भी खाली हैं। वहीं साइंस फैकल्टी में स्टैटिस्टिक्स विषय की केवल 20 प्रतिशत सीटें ही भरी हैं। सुरेन्द्रनाथ कॉलेज में दाखिले के लिए 15वीं मेधा सूची जारी कर दी गयी है और लगभग सभी सीटें भर भी गयी है। साइंस फैकल्टी और कुछ प्रमुख आर्ट्स फैकल्टी की सीटें जैसे अंग्रेजी, बांग्ला आदि पहले ही भर चुकी है। संस्कृत और फिलोसॉफी जैसे विषयों में कुछ सीटें खाली रह गयी हैं।

-


एबीवीपी ने की परीक्षाओं के सरलीकरण की मांग

-कलकत्ता विश्वविद्यालय को दिया ज्ञापन

कोलकाता . कलकत्ता विश्वविद्यालय में परीक्षाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सभी भ्रांतियों को दूर करने की मांग की है। मंगलवार को एबीवीपी समर्थकों ने कलकत्ता विवि अधिकारियों को एक पत्र लिखा। मंगलवार को संगठन के राज्य सचिव सप्तर्षि सरकार दक्षिण बंगाल राज्य सचिव सुरंजन सरकार और कोलकाता महानगर सचिव मृणमय दास द्वारा सह-कुलपति को पत्र सौंपा गया। इसमें लिखा है कि हम सभी जानते हैं कि कोरोना महामारी ने शिक्षा में बहुत सारी समस्याएं पैदा की हैं। छात्रों के भविष्य के अधिक अच्छे के लिए एक उचित मूल्यांकन प्रणाली की जरूरत है। लेकिन अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा पद्धति और अनुसूची पर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में जारी किए गए दिशानिर्देशों के बारे में छात्रों में अत्यधिक भ्रम है। जिसकी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कड़ी निंदा की थी। हालांकि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने मूल्यांकन के बारे में छात्र परिषद की कुछ मांगों को स्वीकार कर लिया है, लेकिन परीक्षा के बारे में छात्रों के मन में अभी भी भ्रम है। इसलिए एबीवीपी फिर से परीक्षा संबंधी सभी प्रकार की भ्रांतियों के निपटारे में तेजी लाने के लिए विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्रों को भी प्रत्येक कॉलेज के लिए परीक्षा कार्यक्रम निर्दिष्ट करना होगा।कॉलेजों को प्रत्येक विषय के प्रश्न पत्र के प्रकार को स्पष्ट करना होगा। उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए कॉलेजों को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन व्यवस्था भी करनी होगी। उत्तर पुस्तिकाओं को जमा करने के लिए कॉलेजों को समय सीमा बढ़ानी होगी।

Krishna Das Parth Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned