सार्जेन्ट ने पेश की ईमानदारी

सार्जेन्ट ने पेश की ईमानदारी
kolkata news

Shankar Sharma | Updated: 19 Oct 2016, 11:53:00 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

अमूमन पुलिस के प्रति समाज में बरकरार नकारात्मक छवि को गलत सिद्ध करते हुए कोलकाता के जोड़ाबागान ट्रैफिक गार्ड के सार्जेन्ट सौमिक दास ने बुधवार को रोड पर गिरे 20 हजार से भरे बैग को सुरक्षित

कोलकाता. अमूमन पुलिस के प्रति समाज में बरकरार नकारात्मक छवि को गलत सिद्ध करते हुए कोलकाता के जोड़ाबागान ट्रैफिक गार्ड के सार्जेन्ट सौमिक दास ने बुधवार को रोड पर गिरे 20 हजार से भरे बैग को सुरक्षित लौटा कर ईमानदारी की एक नई मिसाल कायम की। जोड़ासांकू स्थित डाकघर में कार्यरत निलांजन सामंत बेहला स्थित अपने घर से  रोजाना की तरह बाइक से कार्यालय जा रहे थे।

सेंट्रल एवेन्यू और महात्मा गांधी रोड के मुहाने पर उनका बैग गिर गया, पर उन्हें पता ही नहीं चला। इसी दौरान सार्जेन्ट सौमिक दास की नजर बैग पर पड़ी। सौमिक ने जब बैग को खोला, तो उसमें 20 हजार के नोट भरे मिले। बैग से बरामद पॉकेट डायरी में दर्ज नाम और मोबाइल नंबर पर सौमिक ने फोन कर बैग की जानकारी दी।

इसके बाद निलांजन तुरंत अपनी दुपहिया से सौमिक के पास पहुंचे, जिसके बाद उन्हें उनका नोटों से भरा बैग सार्जेंट ने सांैप दिया। बैग मिलने के बाद सार्जेंट सौमिक के प्रति आभार जताते हुए निलांजन ने बताया कि बैग गिरने से वे निराश हो गए थे और पैसे मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। सौमिक के फोन पर बैग सुरक्षित होने की जानकारी देने के बाद उनकी जान में जान आई। उन्होंने कहा कि पुलिस के प्रति आम तौर पर लोगों में एक नकारात्मक छवि कायम है।

इसको झुठलाते हुए सौमिक ने उन्हें नोटों से भरा बैग सुरक्षित लौटा कर मानवता की जो मिसाल पेश की है, उससे वे भावुक हो गए। उधर सौमिक का कहना है कि ड्यूटी के दौरान उनकी यह हरसंभव कोशिश रहती है कि किसी शख्स की गुम चीज अगर उन्हें मिले तो उसे उसके असली हकदार तक पहुंचा सकें।

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