...‘.क्षितिज के उस पार देखें क्यों अभी हम? अभी तो इस पार जीवन बहुत शेष है....’

...‘.क्षितिज के उस पार देखें क्यों अभी हम? अभी तो इस पार जीवन बहुत शेष है....’

Shishir Sharan Rahi | Publish: Jun, 20 2019 08:06:21 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

सूरजमल जालान पुस्तकालय सभागार में राज्यपाल के चयनित गीतों की सांगीतिक प्रस्तुति-----तालियों से गूंज उठा सभागार

कोलकाता . सेठ सूरजमल जालान पुस्तकालय सभागार में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के चयनित गीतों की सांगीतिक प्रस्तुति रविवार को हुई। कविताओं को जब गायक-पत्रकार ओमप्रकाश मिश्र ने संगीतमय सुर में स्वर दिया, तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। मिश्र ने मां शारदे की स्तुति से शुरू किया और राज्यपाल की कविताओं....क्षितिज के उस पार देखें क्यों अभी हम? अभी तो इस पार जीवन बहुत शेष है। कैसे तेरे बिन ज्योति जलाउं? मन तेरे बिन माने न.......सहित अनेक रचनाओं को सुर दिया तो ख्रुद राज्यपाल मिश्र की तारीफ करने से खुद को नहीं रोक सके। उन्होंने कहा कि आजतक कविताओं को इतनी सुरीली आवाज में गीतों के जरिए प्रस्तुति होगी ऐसा उन्होंने सोचा नहीं था। समारोह में विशिष्ट प्रवचनकर्ता पंडित श्रीकांत शर्मा बालव्यास, अध्यक्ष भरत जालान, संयोजक डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी, समारोह की संचालनकर्ता मंत्री दुर्गा व्यास मौजूद थीं। बंशीधर शर्मा, अरूण प्रकाश मल्लावत, विश्वम्भर नेवर, तिवारी ब्रदर्स के लक्ष्मीकांत तिवारी, महावीर बजाज, गुड्डन सिंह, श्रीमोहन तिवारी, भानीराम सुरेखा आदि मौजूद थे। इसके अलावा महानगर के अनेक गणमान्य समाजसेवी-उद्योगप्ित भी मौजूद थे। समारोह की समाप्ति पर कांचरापाड़ा कॉलेज, कल्याणी विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुनीता मंडल ने राज्यपाल को एक पुस्तक भी भेंट की। सुनीता ने राज्यपाल को सुभद्रा कुमारी चौहान सृजन एवं चिंतन शोध पुस्तक भेंट की। साथ ही उन्होंने त्रिपाठी के गीतों पर शोध कराने का आग्रह भी किया, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया।

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