गोलीकांड: जोरपातकी गांव में सन्नाटा, खौफजदा हैं लोग

कूचबिहार के शीतलकूची विधानसभा क्षेत्र के जोरपातकी गांव के एक बूथ पर मतदान के दौरान केंद्रीय बल के जवानों की फायरिंग में चार युवकों की मौत की घटना के 24 घंटे बाद भी सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग खौफजदा हैं। लोगों के चेहरे पर भय झलक रहा है। मृतकों के परिजनों के विलाप से पूरे इलाके का माहौल गमगीन बना हुआ है।

By: Rabindra Rai

Updated: 11 Apr 2021, 11:28 PM IST

एक साथ 4 अर्थियां उठी तो सभी की आंखें छलक उठीं
- अंतिम संस्कार में हुई भारी भीड़, लोगों ने मांगा इंसाफ
कूचबिहार/कोलकाता.
कूचबिहार के शीतलकूची विधानसभा क्षेत्र के जोरपातकी गांव के एक बूथ पर मतदान के दौरान केंद्रीय बल के जवानों की फायरिंग में चार युवकों की मौत की घटना के 24 घंटे बाद भी सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग खौफजदा हैं। लोगों के चेहरे पर भय झलक रहा है। मृतकों के परिजनों के विलाप से पूरे इलाके का माहौल गमगीन बना हुआ है।
फायरिंग में मारे गए नूर आलम मियां, मनिरू जमां मियां, समीउल हक और हमीदुल मियां के शव को रविवार को अस्पताल से जोरपातकी गांव लाया गया। उस समय बड़ी संख्या में आसपास के गांव के लोग भी जोरपातकी गांव में उपस्थित थे। शवों को देख सभी रो पड़े। गांव वालों ने पहले से ही उनकी अंत्येष्टि का प्रबंध कर रखा था। शवों को तृणमूल कांग्रेस के झंडे में लपेटा गया। एक साथ जब चार अर्थियां उठी तो सभी की आंखें छलक उठीं। शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और नम आंखों से चारों युवकों को अंतिम विदाई दी। लोगों ने मारे गए चारों के लिए इंसाफ की मांग की।
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परिजनों का रो रो कर बुरा हाल
मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। उनका हाल देख सांत्वना देने वाले भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहे थे। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर एक तरफ सेन्ट्रल फोर्स के जवानों के प्रति भारी गु्स्सा था, वहीं दूसरी तरफ खौफ भी था। सेन्ट्रल फोर्स की गोली से मारे गए चारों युवक गरीब परिवार के थे।
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वोट डालने आया था गांव
नूर आलम मियां (20) बिहार के ईंट भ_ा पर काम करता था। अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए कुछ दिन पहले ही गांव आया था। मनिरू जमां मियां (28) सिक्किम में दिहाड़ी मजदूर का काम करता था। वोट डालने के लिए गांव आया था। डेढ़ साल पहले ही मनिरू पिता बना था। उसकी एक बेटी है। ग्रामीणों के अनुसार समीउल हक बहुत ही नेकदिल था। वह हमेशा गांव के लोगों की मदद को तत्पर रहता था। हमीदुल की तीन साल की एक बेटी है। हमीदुल की मां मोफिया बीबी कहती है कि समझ में नहीं आ रहा कि इस नन्हीं सी गुडिय़ा और इतनी कम उम्र में विधवा हुई उसकी मां को वह कैसे संभालेगी।
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विरोध में तृणमूल समर्थक उतरे सड़क पर
गोलीकाण्ड के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रविवार को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया एवं केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सेन्ट्रल फोर्स, अमित शाह, भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कोलकाता हावड़ा, हुगली, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, बर्दवान, बीरभूम, नदिया, पूर्व एवं पश्चिम मिदनापुर, सिलीगुड़ी, उत्तर एवं दक्षिण दिनाजपुर सभी जगह तृणमूल समर्थकों नें विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि दक्षिण और उत्तर बंगाल में 11,700 प्रदर्शन किये गये जहां तृणमूल कार्यकर्ताओं ने काले बिल्ले पहने और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के नेता और मंत्री शशि पांजा ने एस्प्लेनेड क्षेत्र में रैलियों का नेतृत्व किया।
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हिंसा के दूसरे दिन मिला बम, रास्ता किया जाम
कूचबिहार में मतदान के दिन हुई हिंसा के बाद रविवार सुबह शीतलकूची के बेलाकोबा में ताजा बम बरामद किया गया। बम मिलने से ग्रामीणों ने सुरक्षा की मांग करते हुए सुबह रास्ता जाम कर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बदमाशों ने शनिवार रात इलाके में जमकर बमबारी की। दूसरी ओर सुबह पुलिस ने गांव के खेत से एक ताजा बम बरामद किया। बेलाकोबा गांव से 10-15 किमी दूर जोरपातकी गांव में केंद्रीय बलों की फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई थी।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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