कहीं आस्था की डुबकी, तो कहीं बुलबुल फाइट करा मनाई मकर संक्रांति

MAKAR--SANKRANTY WAS CELEBRATED WITH JOY N FAITH: मकर संक्रांति पर धर्ममय हुआ महानगर, आस्था: हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में आस्था की डुबकी, सुबह से रात तक मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए लगा तांता, बही दान-पुण्य की गंगा

कोलकाता. मकर संक्रांति पर बुधवार सुबह से रात तक महानगर समेत प्रदेश के अनेक शहरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने तडक़े ही गंगा समेत अन्य जलाशयों में आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी जबकि गोवंश को चारा खिलाने से जरूरतमंदों तक को जमकर दान-पुण्य किया गया। पश्चिम मेदिनीपुर व झाडग़्राम में धूमधाम से मनी मकर संक्रांति, बुलबुल की लड़ाई देखने उमड़ी भीड़, विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं की ओर से कहीं कंबल, तिल से बने लड्डू बांटे गए तो कहीं खिचड़ी वितरित। बाजारों में खासी रौनक रही। खासकर मिठाई दुकानों पर भीड़ नजर आई, जहां तिल के लड्डू, तिलकुट, रेवड़ी, घेवर और फेणी खरीदने वालों की भीड़ रही। घेवर का आदान-प्रदान मारवाड़ी समुदाय में विशेष तौर पर किया जाता है। इसके अलावा तिल,गुड़,रेवड़ी सहित अन्य खरीददारी में भी श्रद्धालु व्यस्त दिखे। पर्व पर तिल, चिऊड़ा-मूढ़ी सहित अन्य सामग्रियों से बने लड्डू का दान-पुण्य विशेष तौर पर किया गया। सुबह से घरों और मंदिरों में विशेष चहल-पहल देखी गई। मकर संक्रांति मारवाड़ी, बिहारी, नेपाली, पंजाबी, बंगाली सहित अन्य समुदायों में श्रद्धा—उत्साहपूर्वक मनाकर दान-पुण्य किया गया।

कहीं आस्था की डुबकी, तो कहीं बुलबुल फाइट करा मनाई मकर संक्रांति

बुलबुल की लड़ाई देखने उमड़ी भीड़, पश्चिम मिदनापुर और झाडग़्राम में धूमधाम से मकर संक्रांति मनाई

खडग़पुर. पश्चिम मिदनापुर और झाडग़्राम जिले में धूमधाम से मकर संक्रांति मनाई गई। पश्चिम मिदनापुर जिले में कंसावती नदी, मोहनपुर घाट, स्वर्णरेखा नदी, तालाबों और झाडग़्राम में ब्लूम नदी तारा फाली नदी खाल नहर में बुधवार को लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। दोनों जिलों स्थित मंदिरों में भी भक्तों की कतार रही। दूसरी ओर जंगल महल में टुसु पर्व के अवसर पर ग्रामीणों को मुर्गा और बुलबुल लड़ाई में व्यस्त देखा गया। गोपीबल्लभपुर इलाके में बुलबुल की लड़ाई देखने के लिए जिले के कई इलाके से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कुछ जगह तो बुलबुल लड़ाई दो गांवों की आन-बान-मान और सम्मान बन बैठी, लड़ाई देखने के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा गया। वहीं मुर्गा और बुलबुल लड़ाई देखने वालों का कहना है कि यह उनकी वर्षों की परंपरा है जिसे वे निभाते आ रहे।
हुगली. मकर संक्रांति पर बुधवार को हुगली जिले के विभिन्न घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने कड़ाके की सर्दी के बावजूद गंगा में डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने नदी किनारे भिक्षुओं को दान पुण्य किया। सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में जाने को ही संक्रांति कहते हैं।
संक्रांति के बीच का समय सौर मास है। एक जगह से दूसरी जगह जाने अथवा एक-दूसरे का मिलना ही संक्रांति होती है। सूर्य जब धनु राशि से मकर पर पहुंचता है तो मकर संक्रांति मनाई जाती है।

Shishir Sharan Rahi
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned