कच्चे जूट की जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई करे राज्य सरकार

इजमा ने बंगाल सरकार को लिखा पत्र

By: Rajendra Vyas

Published: 21 Sep 2020, 07:27 PM IST

कोलकाता . जूट उद्योग ने पश्चिम बंगाल सरकार से कच्चे जूट की जमाखोरी को रोकने के लिए तलाशी अभियान चलाने का अनुरोध किया है। इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (इजमा) का कहना है कि जमाखोरी के कारण कच्चे जूट के दाम में तेजी आई है।
इजमा ने राज्य के श्रम मंत्री मलय घटक को पत्र लिखकर कच्चे जूट की जमाखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मिलर्स के निकाय ने कहा कि कच्चे जूट की टीडी 5 किस्मों की कीमत सितंबर में 5,500 रुपये प्रति क्विंटल हो गई जो जून में 4,325 रुपये प्रति क्विंटल थी। 18 सितंबर को मंत्री को लिखे एक पत्र में मिलर्स एसोसिएशन ने मंत्री से जिला प्रशासन को जमाखोरी के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आदेश देने का अनुरोध किया है।
बढ़ती कीमतों के मद्देनजर, जूट आयुक्त कार्यालय ने हाल ही में जमाखोरी के खिलाफ अभियान में 1,500 क्विंटल कच्चे जूट पकड़ा है। 2020-21 में फसल की कमी की अटकलों के बीच कीमतों में पहले ही 20 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है।
इस बीच जूट बेलर्स एसोसिएशन ने केंद्र से कच्चे जूट होल्डिंग पर जूट आयुक्त द्वारा लगाए गए नियंत्रण उपाय को वापस लेने का आग्रह किया था, यह कहते हुए कि यह किसानों को पारिश्रमिक मूल्य प्राप्त करने से रोकेगा।

Rajendra Vyas Editorial Incharge
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