Storm : 160 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान देगा दस्तक

चक्रवाती तूफान ताउते के बाद अब एक और चक्रवाती तूफान पश्चिम बंगाल में दस्तक देने वाला है। 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से राज्य के तटवर्ती क्षेत्रों में यह तूफान दस्तक देगा, जिसकी वजह से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

By: Rabindra Rai

Published: 20 May 2021, 10:03 PM IST

खतरा : पश्चिम बंगाल में भारी नुकसान की आशंका जताई
कोलकाता. चक्रवाती तूफान ताउते के बाद अब एक और चक्रवाती तूफान पश्चिम बंगाल में दस्तक देने वाला है। 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से राज्य के तटवर्ती क्षेत्रों में यह तूफान दस्तक देगा, जिसकी वजह से भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने इस सिलसिले में राज्य सरकार को अलर्ट भेजा। इसमें बताया गया है कि 26 से 27 मई को यह चक्रवात राज्य में दस्तक दे सकता है। अलर्ट मिलने के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सचिवालय में सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है। सभी जिलाधिकारियों को चक्रवात के बारे में निर्देश भेजे जा रहे हैं।
मूल रूप से कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हुगली, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर में चक्रवात से जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। इसीलिए सभी जिला प्रशासन को समय से पूर्व आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है ताकि नुकसान को कम से कम किया जा सके।
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पिछले साल अम्फान ने मचाई थी तबाही
2020 में अम्फान चक्रवात ने राज्य में तबाही मचाई थी। पांच लाख लोग प्रभावित हुए थे। यह तूफान भी उसी की तरह घातक हो सकता है। अम्फान को संभालने में राज्य सरकार बहुत हद तक विफल रही थी। इसलिए इस बार ऐसी किसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए पहले से तैयारी में जुटी हुई है।
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किया जाता है नामकरण
ताउते इस साल का पहला चक्रवाती तूफान है। म्यांमार ने इसका नामकरण किया था। ताउते का मतलब होता है तेज आवाज करने वाली छिपकली। दरअसल, जितनी बार भी तूफान दस्तक देते हैं, उतनी बार अलग-अलग देश इसे नाम देते हैं। इसी प्रकार अगला तूफान जो आएगा, उसका भी नाम पहले ही तय किया जा चुका है. इस तूफान को यास नाम दिया गया है, जो 26 से 27 मई तक बंगाल में दस्तक दे सकता है। इस तूफान को यह नाम ओमान ने दिया है। इससे पहले कई और तरह के तूफान भी आ चुके हैं, जिनमें कुछ के नाम- बुरेवी, निसर्ग, गाती आदि रखे गए।
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सीएम ने अधिकारियों को सतर्क किया
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इससे निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करें।
अधिकारियों ने बताया कि ममता बनर्जी ने एक डिजिटल बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को दवाओं, पेयजल, सूखे भोजन और तिरपाल के पर्याप्त भंडार का प्रबंध करने का निर्देश दिया है। उन्होंने राज्य आपदा प्रबंधन बल और पुलिस बल के पर्याप्त कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासनों से मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत देने को कहा गया है।
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इस माह बनते हैं चक्रवात
दरअसल, मॉनसून से पहले के महीनों अप्रेल-मई में पूर्वी और पश्चिमी तट पर अकसर चक्रवात बनते देखे जाते हैं। मई 2020 में पूर्वी तट पर विकराल चक्रवातीय तूफान अम्फान और पश्चिम तट पर प्रचंड चक्रवातीय तूफान निसर्ग ने दस्तक दी थी।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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