पश्चिम बंगाल में बारिश से किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी

पिछले तीन दिनों की लगातार बारिश ने हुगली सहित दक्षिण बंगाल के जिलों में आलू उत्पादक किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। माना जा रहा है कि बारिश से 80 फीसदी आलू की खेती को नुकसान पहुंचा है।

By: Prabhat Kumar Gupta

Published: 02 Mar 2019, 05:16 PM IST


-हुलगी सहित दक्षिण बंगाल के जिलों में आलू की खेती को व्यापक क्षति
कोलकाता.
पिछले तीन दिनों की लगातार बारिश ने हुगली सहित दक्षिण बंगाल के जिलों में आलू उत्पादक किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। माना जा रहा है कि बारिश से 80 फीसदी आलू की खेती को नुकसान पहुंचा है। बरसात के पानी से लबालब खेतों ने हुगली के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि राज्य के कृषि विपणन मंत्री तपन दासगुप्ता इसे मानने को तैयार नहीं हैं। हुगली के फरीदपुर गांव के किसान नजरुल इस्लाम मंडल ने बताया कि खेतों में बरसात का पानी भरे रहने के कारण उतरना मुश्किल हो गया है। उन्होंने इस साल करीब 3.5 बिघा जमीन पर आलू की खेती की थी। उनके अनुसार इस गांव में करीब 150 किसान परिवारों ने आलू की खेती की है। किसान परिवारों को खेती का 80 प्रतिशत नुकसान होने की उम्मीद है। जबकि हुगली के फरीदपुर-काशीपुर गांव के किसान प्रद्युत माइति ने बताया कि इस गांव में करीब 2000 किसान परिवार आलू की खेती से जुड़े हैं। करीब 10 हेक्टेयर जमीन पर आलू बोया गया था। उनका कहना है कि यदि पिछले तीन दिनों की बारिश नहीं होती तो खेतों से आलू निकालने का काम शुरू हो जाता। बारिश ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। हालांकि राज्य के कृषि विपणन मंत्री तपन दासगुप्ता ने बारिश से आलू की खेती को नुकसान होने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि खेतों में आलू का फसल पक कर तैयार हो गया है। ऐसे में बारिश से इसके नुकसान होने की बात सोचना मनगढ़ंत है। उन्होंने कहा कि आलू उत्पादक किसानों को नुकसान से बचाने के लिए ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गत सप्ताह 10 लाख टन आलू राज्य सरकार को खरीदने की घोषणा की थी।

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