सुप्रीम कोर्ट ने पूजा कमेटियों को पैसे देने पर नहीं लगाई रोक

- बंगाल सरकार से मांगा हलफनामा

By: Ashutosh Kumar Singh

Published: 12 Oct 2018, 11:12 PM IST

11 सितंबर को कोलकाता पुलिस के एक समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि 28 हजार दुर्गापूजा कमेटियों को सरकार अनुदान बाबत दस-दस हजार रुपये देगी। सरकार के इस फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर हाईकोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगा। कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

नयी दिल्ली/कोलकाता

पश्चिम बंगाल सरकार ने 28 हजार दुर्गापूजा कमेटियों को अनुदान बाबत दस-दस हजार रुपये देने का जो फैसला किया है,उसपर सुप्रीम कोर्ट ने स्थगनादेश जारी नहीं किया। इस सिलसिले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। परंतु कोई रोक नहीं लगाई। इससे सरकार केसामने अनुदान देने में कोई बाधा नहीं रह गई है। हालांकि कई पूजा कमेटियों को अनुदान बाबत दस हजार रुपये दिये भी जा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को 6 सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर कर अपना पक्ष रखने को कहा है। 11 सितंबर को कोलकाता पुलिस के एक समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि 28 हजार दुर्गापूजा कमेटियों को सरकार अनुदान बाबत दस-दस हजार रुपये देगी। सरकार के इस फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर हाईकोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगा। विधानसभा में ही इसपर चर्चा हो सकती है। हाईकोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि राज्य सरकार धर्म के आधार पर कोई अनुदान नहीं दे सकती। इससे देश की धर्मनिरपेक्षता आहत होगी। मगर सुप्रीम कोर्ट ने किसी प्रकार का स्थगनादेश जारी नहीं किया। केवल पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि वह 6 सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर कर अपना पक्ष रखे।

Ashutosh Kumar Singh
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