आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में तेरापंथ विश्व भारती की शुभारंभ संगोष्ठी

आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में तेरापंथ विश्व भारती की शुभारंभ संगोष्ठी

Shishir Sharan Rahi | Publish: May, 17 2019 09:33:09 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

न्यास की प्रथम शुभारंभ संगोष्ठी और न्यास आलेख पर न्यासीगण के हस्ताक्षर

कोलकाता. तेरापंथ विश्व भारती की शुभारंभ संगोष्ठी आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में हुई। आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा (तेरापंथ समाज की संस्था शिरोमणि-प्रतिनिधि संस्था) की गतिविधियों को विस्तार देने, नई परियोजनाओं के संचालन के लिए बहुआयामी परिसर की परिकल्पना की गई, जिसमें एक साथ सारी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसको साकार करने के लिए तेरापंथ विश्व भारती की स्थापना का निर्णय किया गया। इसमें तेरापंथ भवन, इंटरनेशनल कन्वेंसन सेंटर, अंतर्राष्ट्रीय आवासीय शिक्षण संस्थान, ध्यान केन्द्र, पुस्तकालय-वाचनालय, तेरापंथ संग्रहालय, सामाजिक कार्यक्रम स्थल, केन्द्रीय संस्थाओं के कार्यालय, सुपर मार्केट आदि का निर्माण प्रस्तावित है। महामंत्री विनोद बैद ने बताया कि तेरापंथ की नीति निर्धारक परिषद कल्याण परिषद की स्वीकृति के बाद तेरापंथ विश्व भारती परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा ट्रस्ट नाम से एक ट्रस्ट गठित किया जाना प्रस्तावित था। महासभा की ओर से २७ अप्रैल को जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा ट्रस्ट नाम से न्यास का गठन किया गया जिसके अंतर्गत इस परियोजना का निर्माण किया जाएगा। न्यास की प्रथम शुभारंभ संगोष्ठी एवं न्यास आलेख पर अभी तक स्वीकृति हुए न्यासीगण के हस्ताक्षर का कार्यक्रम आचार्य के प्रवास स्थल पर सेलम में १२ मई को हुआ। जिसमें काफी तादाद में समाज के गणमान्य वरिष्ठ श्रावक एवं न्यास के संस्थापक, मुख्य संरक्षक, न्यासीगण पूर्व निर्धारित विशेष ड्रेसकोड में उपस्थित थे। आचार्य से मंगलपाठ का श्रवण करने के उपरांत शुभारंभ संगोष्ठी की शुरुआत सभागीत से की गई। महासभा अध्यक्ष हंसराज बैताला एवं प्रधान न्यासी कन्हैयालाल जैन (पटावरी) ने तेरापंथ विश्व भारती की शुभारंभ संगोष्ठी में उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने इस परियोजना में तन-मन-धन से सहयोग प्रदान कर तेरापंथ समाज की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। महामंत्री विनोद बैद ने बताया कि न्यास के गठन के साथ 101 व्यक्तियों ने इस न्यास से संस्थापक मुख्य संरक्षक न्यासी के रूप में जुडऩे हेतु स्वीकृति दी है। परियोजना की मूल लागत 250 करोड़ आएगी एवं इसे दिल्ली एनसीटी के क्षेत्र में 50 एकड़ भूमि पर निर्मित करने का निर्णय लिया गया है और भूमि के जल्द अधिकरण हेतु समुचित प्रयास किए जा रहे हैं। महासभा के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रधान न्यासी कमल दुगड़ ने आशा व्यक्त की कि यह परियोजना तेरापंथ धर्मसंघ के लिए मील का पत्थर साबित होगी। न्यास आलेख का वाचन महासभा अध्यक्ष हंसराज बैताला ने किया। सभी संस्थापक संरक्षक मुख्य न्यासियों ने न्यास आलेख पर हस्ताक्षर किए। महासभा अध्यक्ष हंसराज बैताला, प्रधान न्यासी कन्हैयालाल जैन पटावरी, निवर्तमान अध्यक्ष किशनलाल डागलिया, पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार चोरडिय़ा, चैनरूप चिण्डालिया, हीरालाल मालू, कमल कुमार दुगड़, पूर्व प्रधान न्यासी विमल कुमार नाहटा, वर्तमान पदाधिकारियों में उपाध्यक्ष जसराज मालू, विनोद लुणिया, कन्हैयालाल गिडिय़ा, महामंत्री विनोद कुमार बैद, सहमंत्री नेमचंद बैद, न्यासीग भीखमचंद पुगलिया, दिलीप दुगड़, मनसुख सेठिया उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त जय तुलसी फाउण्डेशन के प्रबंध न्यासी तुलसी कुमार दुगड़, मंत्री सुरेंद्र बोरड़, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष विमल कटारिया, प्रेक्षा विश्व भारती के पूर्व अध्यक्ष बाबूलाल सेखानी एवं वर्तमान अध्यक्ष राजीव छाजेड़, कोलकाता सभा के मुख्य न्यासी भंवरलाल बैद, आचार्य महाप्रज्ञ महाश्रमण एजुकेशन एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार दुगड़ आदि उपस्थित थे। न्यासियों सुरेंद्र चोरदिया, सुरेंद्र दुगड़, चैनरूप चिंडालिआ व अन्य ने अपने विचार रखे।

 

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