West Bengal : इस लिए 16 अगस्त को मनाया जाएगा "खेला होबे" दिवस- ममता

"खेला होबे" दिवस मनाने के लिए 16 अगस्त का चयन किए जाने को भाजपा नेताकी ओर से इसे बर्बर हिंसा के इतिहास में शामिल 16 अगस्त 1946 से शुरू हुए ग्रेड कलकत्ता किलिंग से जोड़ने के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को बताया कि इस दिन कैबिनेट की बैठक में "खेला होबे" दिवस मनाने का फैसला किया गया।

By: Manoj Singh

Published: 23 Jul 2021, 01:18 PM IST

खेला होबे दिवस पर कैबिनेट ने लगाया अपना मुहर
कोलकाता
"खेला होबे" दिवस मनाने के लिए 16 अगस्त का चयन किए जाने को भाजपा नेताकी ओर से इसे बर्बर हिंसा के इतिहास में शामिल 16 अगस्त 1946 से शुरू हुए ग्रेड कलकत्ता किलिंग से जोड़ने के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को बताया कि इस दिन कैबिनेट की बैठक में "खेला होबे" दिवस मनाने का फैसला किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि "खेला होबे" दिवस पालने करने के लिए 16 अगस्त का दिन का चयन क्यों किया गया है।
इस दिन, मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 अगस्त 1980 को ईडन गार्डन में हुई दुखद घटना हुई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उनकी सरकार ने प्रत्येक साल 16 अगस्त को राज्य भर में 'खेला होबे' दिवस मनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि आजादी के दूसरे दिन 16 अगस्त को खेला होबे दिवस मनाया जाएगा। इन दिनों देश की आजादी खतरे में है। देश की जनता को चुप कराया जा रहा है। इसके विरोध में खेला होबे दिवस मनाया जा रहा है, ताकि देश को इन सब से निजात मिले औैर मानव स्वतंत्रता बरकरार रहे। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता कह रहे हैं कि मुस्लिम लीग ने डायरेक्ट एक्शन के तहत 16 अगस्त 1946 से ग्रेड कलकत्ता किलिंग की शुरूआत की थी और इसी दिन ममता बनर्जी खेला बोबे दिवस का पालन करने की घोषणा कर लोगों मं दहतत पैदा करना चाहती हैं।

बर्बर हिंसा के इतिहास में शामिल 16 अगस्त 1946 से शुरू हुए ग्रेड कलकत्ता किलिंग

 

 

नेता कह रहे हैं कि
युवकों को दिया जाएगा बंगाल में तैयार फुटबॉल
ममता बनर्जी ने कहा कि खेला होबे दिवस पर राज्य के प्रत्येक क्लबों को 10 'विजेता' फुटबॉल दिया जाएगा, जिसे बंगाली में तैयार किया गया है। इसके तहत कुल 50 हजार गेंदें बन चुकी हैं। गांवों-देहात के अलग-अलग क्लबों को एक लाख फुटबॉल दिए जाएंगे। गेंदें राज्य के युवा कल्याण और खेल विभाग देगा। इसके अलावा 280 आईएफए क्लबों को भी दस-दस गेंदें दिए जाएंगे। उन्होंने मंत्री अरूप बिस्वास को कागजात तैयार करने को कहा है। 50,000 गेंदें पहले ही बनाए जा चुके हैं। बंगाल की घरेलु मां-बहनों इसे तैयार कर रही हैं।सभ्यता की रक्षा के लिए इस खेल की जरूरत है।

Manoj Singh Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned