कोलकाता में पार्षद फंड की राशि बढक़र होगी २५ लाख

Ashutosh Kumar Singh

Publish: Mar, 14 2018 11:03:49 PM (IST) | Updated: Mar, 14 2018 11:05:11 PM (IST)

Kolkata, West Bengal, India
कोलकाता में पार्षद फंड की राशि बढक़र होगी २५ लाख

कोलकाता में पार्षद फंड की राशि बढक़र होगी २५ लाख।मेयर ने दिया आश्वासन।


कोलकाता.

हंगामे व विपक्ष के विरोध के बीच कोलकाता नगर निगम का बजट बुधवार को बहुमत से पारित हो गया। सदन में मेयर एवं अन्य एमआईसी के आने में देर होने पर सत्र के आखिरी दिन हंगामा हुआ। जवाबी भाषण देते हुए मेयर शोभन चटर्जी ने चीफ व्हीप रत्ना सूर के पार्षद फंड को 20 से बढ़ाकर 25 लाख करने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कहा कि हम निगम के अगले मासिक अधिवेशन में इसे २५ लाख करने का प्रस्ताव रखेंगे। रत्ना सूर ने सदन में इसके सिवाय कई और प्रस्तावों को रखा जिनमें पार्षदों की वेतन वृद्धि, बोरो इंटीग्रेटेड फंड बोरो में मौजूद वार्ड के हिसाब से बढ़ाने का, रिपेयरिंग कैप्टिल और स्टेशनरी सामान के लिए निगम को अलग से मदद करने का प्रस्ताव रखा। मेयर ने अपविरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए पिछले बजट की उपलब्धियां गिनवाई। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि मेयर को दूसरे विषयों पर भी ध्यान देना चाहिए। मेयर ने बताया कि शहर में जलाशयों के संरक्षण के लिए पीसीबी ने निगम को 11 करोड़, म्यूनिसिपल ऑफिसियल ने 18 करोड़ और निगम ने ६ करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

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दक्षिण कोलकाता में जलापूर्ति की समस्या : वाम

वाम पार्षद रत्ना चटर्जी ने दावा किया कि दक्षिण कोलकाता में अभी भी जलापूर्ति और जलजमाव की समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ता है। इसके जवाब में मेयर ने कहा कि हम इस समस्या से निपटने के लिए प्रयास कर रहे हैं। पहले पूरा कोलकाता डूबा रहता था लेकिन हमारे प्रयासों के कारण स्थिति यह हो गई है कि घंटों लगातार बारिश होने के बाद भी शहर में जमा हुआ जल चंद घंटों में निकल जाता है।

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भाजपा पार्षद का जीएसटी पर जोर : भाजपा

पार्षद मीना देवी पुरोहित ने जीएसटी पर जोर देते हुए कहा कि बार-बार सत्ताधारी कह रहे हैं कि जीएसटी उनके लिए रोड़ा बना, लेकिन दरअसल यह गलत है। जीएसटी से कर प्रणाली और सहज हो गई है। इससे निगम को परेशानी नहीं बल्कि सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यूनिट एरिया एसेसमेंट की वजह से वित्त वर्ष केवल 40-45 हजार लोगों ने फॉर्म भरा है जिसकी वजह से बजट में आय नहीं हुई है और जो थोड़ी बहुत हुई है वह कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट द्वारा दिए गए 50 करोड़ रुपए से हुई है। मेयर ने कहा कि पोर्ट ट्रस्ट ने 200 करोड़ रुपए का कर अब तक बकाया नहीं दिया है।

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अवैध विज्ञापन पर कार्रवाई होगी

एमआईसी देवाशीष कुमार ने कहा कि जलाशय को अवैध तरीके से भरने की जानकारी देने के लिए जीपीएस सिस्टम को शहर की विभिन्न जगहों पर लगाया था, ठीक उसी प्रकार अब शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध विज्ञापन की धर-पकड़ के लिए एक जीपीएस लगाया जाएगा।

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मेयर के व्यक्तिगत जीवन को लेकर हंगामा

वाम पार्षद देवाशीष मुखर्जी ने मेयर के व्यक्तिगत जीवन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह अपने निजी जीवन में इतने परेशान हैं कि उन्हें बजट सत्र की बहस में शामिल होने का मौका ही नहीं मिल रहा है। बेहतर होता अगर एमआईसी अतिन घोष मेयर रहते।इस पर दोनों पक्षों में बहस छिड़ गई। मामला इतना बिगड़ गया कि चेयरपर्सन माला राय को दो बार देवाशीष के माइक को बंद करना पड़ा।

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