एहतियाती उपायों को ध्यान में रखते हुए वार्षिक झूलन यात्रा उत्सव का हुआ आयोजन

इस्कॉन मायापुर के भक्तों ने कोरोना को ध्यान में रखते हुए कुछ खास एहतियाती उपायों को ध्यान में रखते हुए वार्षिक झूलन यात्रा उत्सव का आयोजन किया है।

By: Vanita Jharkhandi

Published: 02 Aug 2020, 07:42 PM IST


मायापुर
मायापुर इस्कॉन की ओर से झूलन उत्सव पूरे एहतियाती उपायों के साथ मनाया जा रहा है। श्री श्री राधा माधव के लिए झूलन यात्रा के रूप में प्रसिद्ध झूला (झूला) चरागाह (लीला) का प्रदर्शन करने वाला पर्व हर वर्ष काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस्कॉन मायापुर के भक्तों ने कोरोना को ध्यान में रखते हुए कुछ खास एहतियाती उपायों को ध्यान में रखते हुए वार्षिक झूलन यात्रा उत्सव का आयोजन किया है। हर साल श्री श्री राधा माधव के उत्सव देवताओं को पालकी (पालकी) पर हजारों भक्तों के साथ एक झील पर ले जाया जाता है, जिस पर एक भव्य झूले का निर्माण किया जाता है, इस बार इसे समिति कर दिया गया है।
झूलन यात्रा उत्सव का आयोजन मंदिर के हॉल के अंदर किया जा रहा है जहां एक छोटा सा झूला (झूला) बनाया गया है। केवल पुजारियों ही देवताओं के झूला को झुला सकते है। हरिनाम संकीर्तन के बीच झूलन यात्रा उत्सव 30 जुलाई को शुरू हो गया है जो कि 3 अगस्त तक बालाराम जयंती के साथ संपन्न होगा। भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और दाउ के रूप में प्रसिद्ध भगवान बलराम के दिव्य उपस्थिति दिवस को चिह्नित करने के लिए 3 अगस्त को मंगल आरती, दर्शन आरती, भोग आरती और वरिष्ठ भिक्षुओं (साधु) की व्याख्यान सत्र होंगे। स्थानीय समुदाय के भक्तों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्सव में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। राम लीला में लक्ष्मण के रूप में स्थापित शास्त्रों के अनुसार, कृष्ण लीला में वे बलराम हैं, जगन्नाथ लीला में वे बलदेव हैं और श्री चैतन्य महाप्रभु की लीला में वे भगवान नित्यानंद हैं। जो हमेशा ही भगवान की सेवा करने में तन्मय रहते है। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी सुब्रत दास ने दी।

Vanita Jharkhandi Reporting
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