सभी पुलों की हालत नाजुक, मरम्मत की जरूरत

सभी पुलों की हालत नाजुक, मरम्मत की जरूरत

Vanita Jharkhandi | Publish: Sep, 06 2018 02:05:03 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

- जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर गोकुल मंडल ने किया दावा

- कहा, वाहनों की संख्या बढऩे से पुलों पर बढ़ रहा दबाव


कोलकाता. महानगर में लगातार वाहनों की संख्या बढ़ रही है। इसके साथ ही ब्रिज पर लोड भी बढ़ रहा है। ऐसे में पुराने पुलों की समीक्षा तथा समय रहते मरम्मत की जरूरत है। माझेरहाट पुल की हालत बीते काफी वक्त से खराब थी। 2015 में भी इसको लेकर चेतावनी जारी हुई थी। बाकी पुराने पुलों की हालत भी कोई बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है। ऐसे में कई पुल और फ्लाईओवर हैं जिनकी हालत खस्ता है। 2017 में हुए एक सरकारी सर्वे में पता लगा था कि कई पुलों की जल्द मरम्मत की जरूरत है, क्योंकि कई में ढांचागत गड़बड़ी हैं।

वक्त-वक्त पर पुलों के ऑडिट और रखरखाव की जरूरत है। लेकिन प्रशासन का इस तरफ ध्यान नहीं है। नए पुलों का टेंडर देते वक्त भी इसको नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में जर्जर पुल ऐसे हादसों को दावत दे रहे हैं। डॉ. गोकुल मण्डल, एसोसिएट प्रोफेसर, कॉस्ट्रेक्शन इंजीनियर,जादवपुर कहते हैं कि महानगर के प्राय: सभी ब्रिज पुराने हैं। इनकी समय समय पर मरम्मत की जरूरत है। करीब 50 साल पुराने माझेरहाट ब्रिज का करीब 45 मीटर हिस्सा जर्जर होने के कारण गिर गया। डॉ. मण्डल कहते हैं कि जिस तरह से हर चीज की उम्र होती है वैसे ही ब्रिज की भी एक उम्र होती है। ब्रिज यदि दस साल भी पुराना हो जाए तो उसके रखरखाव की जरूरत है। 15 साल होने के बाद पूरी मरम्मत की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि जिस समय ब्रिज बना था उस वक्त वाहनों की संख्या और ब्रिज पर लोड इतना नहीं था। समय के साथ ही लोड बढ़ता जा रहा है। इस पर गौर करना चाहिए था। जैसे-जैसे वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ वैसे ही लोड बढ़ता जा रहा है। यह ब्रिज काफी पुराना होने के साथ ही व्यस्ततम ब्रिज है जिसके कारण इस पर गौर करना अनिवार्य है। राज्य में ब्रिज गिरने की घटनाएं बढऩे की साथ ही सभी ब्रिज की स्थिति की समीक्षा की जानी चाहिए। फिर आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। यदि समय रहते इस जर्जर पुल की मरम्मत कर दी जाती तो इस यह दुर्घटना नहीं घटती।

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