मंदिर डुबाने की कोशिश में समंदर

विश्व प्रसिद्ध गंगासागर का कपिल मुनि मंदिर सागर में समा सकता है। फिलहाल सागर तट से मंदिर का फासला 300-350 मीटर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल समुद्र का पानी 100-200 फीट के क्षेत्र को आगोश में लेता जा रहा है।

By: Rabindra Rai

Published: 13 Sep 2021, 11:46 PM IST

हर साल 100-200 फीट क्षेत्र को ले रहा है आगोश में
कोलकाता. विश्व प्रसिद्ध गंगासागर का कपिल मुनि मंदिर सागर में समा सकता है। फिलहाल सागर तट से मंदिर का फासला 300-350 मीटर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल समुद्र का पानी 100-200 फीट के क्षेत्र को आगोश में लेता जा रहा है। गंगासागर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में स्थित है। कलक्टर पी उलगानाथन का कहना है कि दो साल में सागर का पानी 40 मीटर तक बढ़ गया लेकिन हालात अभी गंभीर नहीं हैं। सागर-मंदिर के बीच सुरक्षित दूरी है।
आइआइटी मद्रास की एक टीम ने यहां आकर दो साल अध्ययन कर डीपीआर तैयार की है। जिसे मंजूरी के लिए पर्यावरण व अन्य विभागों के पास भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही जिला प्रशासन काम शुरू कर देगा। आइआइटी मद्रास ने समुद्र के अतिक्रमण रोकने के लिए गंगासागर में मुंबई की तर्ज पर बांध के निर्माण का सुझाव दिया है। जो समुद्र में 30-40 मीटर से बिल्डअप होना शुरू होगा। हाईटेक टेक्नोलाजी पर आधारित इसके तीन-चार लेयर होंगे।
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केंद्र सरकार भी करे सहयोग: दास
इधर कपिल मुनि मंदिर के महंत ज्ञानदास महाराज के उत्तराधिकारी संजय दास का कहना है कि चिंताजनक स्थिति है जिसपर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। अकेले बंगाल सरकार के लिए इस समस्या का समाधान करना संभव नहीं। केंद्र सरकार को भी सहयोग करना चाहिए। ऐसा न होने पर कपिल मुनि मंदिर जल्द ही सागर में समा जाएगा।
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मूल मंदिर सागर में समाया
संजय दास ने कहा कि 1970 के दशक में मूल मंदिर सागर में समा गया था। उस मंदिर में स्थापित कपिल मुनि की मूर्ति को वर्तमान मंदिर में लाकर प्रकाश प्रतिष्ठापित किया गया। अब इस मंदिर की तरफ भी सागर का पानी तेजी से बढ़ रहा है। जिस समय नए मंदिर में कपिल मुनि की मूर्ति को प्रतिष्ठापित किया गया उस समय समुद्र से मंदिर की दूरी 700 मीटर थी जो अब आधी हो गई है।
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तब मंदिर में भरा पानी
तेज ज्वार के समय समुद्र का पानी मंदिर तक आ जाता है। चक्रवाती तूफान यास के दरम्यान सागर का पानी मंदिर के अंदर घुस गया था। मकर संक्रांति पर देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु मोक्ष की कामना लिए गंगासागर आते हैं। पुण्य डुबकी लगाने के बाद कपिल मुनि मंदिर में दर्शन-पूजन करते हैं।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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