बंगाल में शह और मात का खेल

बंगाल में शह और मात का खेल

Rabindra Rai | Publish: Jul, 13 2018 09:45:07 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

पश्चिम बंगाल की चिट्ठी


पश्चिम बंगाल में इन दिनों उमस और बारिश का जोर है तो दूसरी तरफ राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। अगले लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ शुरू है। बड़े पैमाने पर जाली नोट तथा मादक पदार्थों की तस्करी भी चिंता की वजह बनी हुई है। तृणमूल कांग्रेस सरकार की किताब पर तो महाभारत छिड़ता नजर आया। सत्ता पक्ष बचाव में उतर आया तो विपक्ष ने इस किताब को लेकर सरकार पर जमकर शब्दों के बाण छोड़े हैं। विपक्ष का कहना है कि उस सरकार को सार्वजनिक धन की बर्बादी कर ऐसी किताब छपवाने की क्या जरूरत है? जो सरकार कर्ज के बोझ से कराह रही है। राज्य के संस्कृति विभाग की ओर से ५१२ पृष्ठों की किताब में ममता सरकार के ७ साल की उपलब्धियों का बखान भर है। इस बीच गर्मी से परेशान लोगों पर इन्द्रदेव मेहरबान दिखे। बारिश ने महानगर में गत २५ जून को लगभग दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। १६२.६ मि.मी. की रिकॉर्डतोड़ बारिश के बाद कोलकाता नगर निगम के दावे की पोल खुलती नजर आई। बारिश थमने के २४ घंटे बाद भी महानगर के निचले इलाके में जलभराव की स्थिति देखी गई।
बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हुई तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तृणमूल कांग्रेस सरकार पर बरसते नजर आए। शाह ने पुरुलिया की रैली में ममता सरकार को उखाड़ फेंकने की हुंकार भरी। सरकार पर हिंसा और भ्रष्टाचार फैलाने का आरोप लगाया। लोगों से एक बार फिर राज्य की सत्ता में परिवर्तन लाने की अपील की। शाह ने ममता के फेडरल फ्रन्ट की कवायद की हवा निकालने की कोशिश की तथा ममता को पहले बंगाल संभालने को कहा तो पार्टी नेताओं और कार्यकताओं को २०१९ के लोकसभा चुनाव में कोई बहाना नहीं बनाने की हिदायत दी। राज्य की कुल ४२ लोकसभा सीटों में से आधी पर कमल खिलाने को कहा।
शाह बंगाल दौरे पर आएं और शह और मात का खेल नहीं हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। राज्य के पूर्व मंत्री हुमायूं कबीर को पार्टी में शामिल कर भाजपा ने अपनी विस्तार योजना का संदेश देने की कोशिश की तो तृणमूल ने भाजपा पर पलटवार किया। पुरुलिया के दो आदिवासी परिवार जिन्होंने पांव छूकर शाह का आशीर्वाद लिया था, २४ घंटे के बाद वे खेमा बदलते नजर आए। ममता बनर्जी की शरण में देखे गए। इससे पहले भी जिस आदिवासी दम्पती के घर शाह ने खाना खाया था उक्त दम्पती को तृणमूल कार्यकर्ता होने का दावा किया गया। दूसरी ओर गठबंधन को लेकर बंगाल कांग्रेस इकाई तथा वामदलों में मतभेद सामने आ गए हैं। बंगाल कांग्रेस का एक गुट सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस से हाथ मिलाना चाहता तो दूसरा गुट इसके खिलाफ है। वामदलों में भी गठबंधन को लेकर एक राय नहीं है। घटक दल फॉरवर्ड ब्लॉक तथा भाकपा किसी भी हाल में कांग्रेस से तालमेल नहीं चाहते।
इन सबके बीच राज्य में जाली नोट तथा ड्रग्स की तस्करी का जाल फैलता नजर आ रहा है। मालदह तो जाली नोटों की तस्करी का हब बन चुका है। अवैध घुसपैठ के साथ बांग्लादेश के रास्ते राज्य में अवैध गतिविधियां चरम पर है। कोलकाता स्टेशन से ४० करोड़ रुपए के ड्रग्स के साथ ५ चीनी नागरिकों को दबोचना इसका पुख्ता सबूत है। महानगर और आसपास जब तब जाली नोट तथा ड्रग्स को जब्त किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस धंधे में पेशेवर तस्कर से लेकर बड़े कॉलेजों के विद्यार्थी तक जुड़े नजर आ रहे हैं।

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